पशु फार्म तीव्र हरितगृह प्रभाव उत्पन्न करने के लिए जाने जाते हैं। यह किस कारण है
(b) : पशु फार्म से आशय मांस तथा ऊन आदि के लिए मवेशी या भेड़ जैसे चरने वाले पशुओं को पालने की प्रथा से है। मुख्यतः पशुपालन के लिए नियत भूभाग को रैंच कहते हैं। इस प्रथा से त्वरित वनोन्मूलन हुआ है तथा वायुमंडल में मेथेन गैस की बढ़ी हुई सांद्रता में योगदान मिला है। मवेशी जो कुछ खाते हैं, वह उनके आमाशय (रूमेन) में रहने वाले मेथेनोजन (जीवाणुओं) की क्रिया के अधीन होता है। इन जीवाणुओं की खाद्य पदार्थ पर क्रिया से मेथेन गैस बनती है, जो पशुओं के अपानवायु के माध्यम से पृथ्वी के वायुमंडल में मुक्त होती है, जहाँ यह कार्बन डाइऑक्साइड की तरह ही ऊष्मा अवशोषित करके वैश्विक तापन में योगदान देती है।