मॉस तथा फर्न नम एवं छायादार स्थानों में पाए जाते हैं, क्योंकि दोनों
निषेचन के दौरान अधर नाल कोशिका तथा ग्रीवा नाल कोशिका, ग्रीवा के शीर्ष सहित विघटित हो जाती हैं और ग्रीवा एक नाल जैसा मार्ग बनाती है, जो श्लेष्म तथा मैलिक अम्ल जैसे कुछ रसायनों से भरा रहता है। ये रसायन पुमणुओं को आकर्षित करते हैं (पुमणुओं की रसायनानुचलन गति) तथा एक नर युग्मक अंडाणु से संलयित होकर द्विगुणित अंडाणु बनाता है। इस प्रक्रिया हेतु जल आवश्यक है।