किसी जीव में प्रोटीन संश्लेषण के दौरान एक बिंदु पर यह प्रक्रम रुक जाता है। निम्नलिखित में से तीन कोडॉनों का वह समूह चुनिए जिनमें से कोई भी एक यह रुकावट ला सकता है।
निरर्थक कोडॉन अथवा समापन कोडॉन वे कोडॉन हैं जो किसी अमीनो अम्ल के लिए कूट नहीं करते। ये तीन न्यूक्लियोटाइडों का ऐसा समुच्चय हैं जिनके लिए पॉलीपेप्टाइड शृंखला में अमीनो अम्ल जोड़ने वाला कोई संगत tRNA अणु नहीं होता। इस कारण प्रोटीन संश्लेषण समाप्त हो जाता है और पूर्ण पॉलीपेप्टाइड राइबोसोम से मुक्त हो जाती है। तीन समापन कोडॉन हैं — UAA (ऑकर), UAG (ऐम्बर) तथा UGA (ओपल)।
वे उत्परिवर्तन जो सामान्यतः किसी अमीनो अम्ल को निर्दिष्ट करने वाले कोडॉन के स्थान पर इन तीन कोडॉनों में से कोई उत्पन्न कर देते हैं, निरर्थक उत्परिवर्तन कहलाते हैं।