एवरी, मैक्लॉयड तथा मैकार्टी के प्रयोगों ने यह दर्शाकर DNA को आनुवंशिक पदार्थ के रूप में समर्थन दिया कि:
एवरी, मैक्लॉयड तथा मैकार्टी ने ताप से मारी गई S कोशिकाओं से जैव रसायनों (प्रोटीन, DNA, RNA आदि) को शुद्ध किया, यह देखने के लिए कि इनमें से कौन जीवित R कोशिकाओं को S कोशिकाओं में रूपांतरित कर सकता है। उन्होंने पाया कि S जीवाणुओं से प्राप्त केवल DNA ही R जीवाणुओं का रूपांतरण करता है।
उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि DNA ही आनुवंशिक पदार्थ है।
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