जड़ में सदैव होता है
जड़ों में, दारु सामान्यतः बहिरार्क होता है, जिसका अर्थ है कि प्रोटोदारु परिधि पर स्थित होता है और मेटादारु केंद्र की ओर होता है। यह जड़ों में एक विशिष्ट व्यवस्था है, जो मिट्टी से जल और पोषक तत्वों के कुशल परिवहन को सुगम बनाती है।