कौन-सा कथन द्विनिषेचन के संदर्भ में उल्लिखित 'पराग-स्त्रीकेसर अन्योन्यक्रिया' का सटीक वर्णन करता है?
NCERT पाठ कहता है: 'ये सभी घटनाएँ–वर्तिकाग्र पर पराग निक्षेपण से लेकर पराग नलिकाओं के बीजांड में प्रवेश तक–सामूहिक रूप से पराग-स्त्रीकेसर अन्योन्यक्रिया कहलाती हैं। जैसा पहले बताया गया, पराग-स्त्रीकेसर अन्योन्यक्रिया एक गतिशील प्रक्रिया है जिसमें पराग की पहचान के बाद पराग का संवर्धन या निषेध होता है।'