स्तम्भ-I स्तम्भ-II
I. समापन (A) ऐमीनोऐसिल tRNA सिंथेटेज
II. अनुवादन (B) ओकाजाकी खंड
III. अनुलेखन (C) GTP-आश्रित मोचक कारक
IV. DNA प्रतिकृतिकरण (D) RNA पॉलिमरेज
सही मिलान है:
- समापन: GTP-आश्रित मोचक कारक अनुवादन में समापन कोडॉन को पहचानता है तथा अनुवादन के प्रक्रम को समाप्त कर देता है।
- अनुवादन: ऐमीनोऐसिल tRNA सिंथेटेज वे एन्जाइम हैं जो अनुवादन में किसी अमीनो अम्ल को उसके संगत tRNA से जोड़कर ऐमीनोऐसिलीकरण अभिक्रिया को उत्प्रेरित करते हैं।
- अनुलेखन: अनुलेखन का प्रक्रम प्रोकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज तथा यूकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज I, II तथा III द्वारा सम्पन्न होता है।
- DNA प्रतिकृतिकरण: अर्धसंरक्षी DNA प्रतिकृतिकरण के दौरान अग्रगामी रज्जुक सतत होती है जबकि पश्चगामी रज्जुक असतत होती है तथा ओकाजाकी खंडों से बनी होती है।