संसाधन विभाजन के द्वारा:
यदि दो जातियाँ एक ही संसाधन के लिए स्पर्धा करती हैं, तो वे उदाहरणस्वरूप भोजन के लिए भिन्न समय अथवा भिन्न आहार-खोज प्रतिरूप चुनकर स्पर्धा से बच सकती हैं। यही संसाधन विभाजन है, जो स्पर्धा का सामना करने वाली जातियों को अपवर्जन के स्थान पर सहअस्तित्व को बढ़ावा देने वाली क्रियाविधियाँ विकसित करने देता है।
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