निम्नलिखित में से किसका उपयोग पारिस्थितिक पिरामिडों के निर्माण में नहीं किया जाता?
पारिस्थितिक पिरामिड क्रमिक पोषी स्तरों पर पोषी संरचना तथा कार्य का आलेखीय निरूपण हैं। पारिस्थितिक पिरामिड सामान्यतः तीन प्रकार के होते हैं:
(i) संख्या के पिरामिड, जो प्रत्येक स्तर पर जीवों की संख्या दर्शाते हैं।
(ii) जैवभार का पिरामिड, जो क्रमिक पोषी स्तरों पर कुल शुष्क भार दर्शाता है।
(iii) ऊर्जा का पिरामिड, जो क्रमिक पोषी स्तरों पर ऊर्जा प्रवाह/उत्पादकता दर्शाता है।
अतः ताजा भार का उपयोग पारिस्थितिक पिरामिडों के निर्माण में नहीं किया जाता।