हैलोऐल्केनों के लिए विलोपन अभिक्रियाओं के साथ सामान्यतः किस प्रकार की अभिक्रिया प्रतिस्पर्धा करती है?
NCERT पाठ हैलोऐल्केनों की अभिक्रियाओं की दो मुख्य श्रेणियों के रूप में 'नाभिकरागी प्रतिस्थापन' और 'विलोपन अभिक्रियाएँ' सूचीबद्ध करता है, जो प्रायः अभिक्रिया परिस्थितियों (जैसे क्षार/नाभिकरागी की प्रबलता, ताप, विलायक) के आधार पर एक साथ या प्रतिस्पर्धा में होती हैं।