Redox Reactions NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

Redox Reactions (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

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जब Cl2 को Cl- तथा ClO3- में परिवर्तित किया जाता है तो Clका n-गुणक होगा:

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Explanation

जब Cl2 को Cl- तथा ClO3- में परिवर्तित किया जाता है, तो ऑक्सीकरण अवस्था में परिवर्तन क्रमशः 0 से -1 तथा +5 तक होता है। कुल परिवर्तन 5 इकाई है। अतः, सूत्र n = (उच्चतम ऑ.अ. - निम्नतम ऑ.अ.)/परिवर्तन से गुजरने वाले परमाणुओं की संख्या के अनुसार Cl2 का n-गुणक 5/3 है।

यदि 10 gm V2O5 को अम्ल में घोलकर जिंक धातु द्वारा V2+ में अपचयित किया जाए, तो परिणामी विलयन द्वारा I2 के कितने मोल अपचयित किए जा सकते हैं यदि इसे आगे VO2+ आयनों में ऑक्सीकृत किया जाए ? [मान लीजिए Zn2+ आयनों की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होता] (V = 51, O =16, I = 127) :

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Explanation

6e- + 10H+ + V2O5 → 2V2+ + 5 H2 O

Zn → Zn2+ + 2e- 3 × 3

V2O5 + 3 Zn + 10 H+ → 3Zn2+ + 2V2+ + 5H2O  …

अब H2O + V2+ → VO2+ + 2H+ + 2e-

2e- + I2 → 2r-

V2+ + I2 + H2O → 2I- + VO2+ + 2H+

अतः V2O5 का 1 मोल आयोडीन के 2 मोल अपचयित करेगा

अतः V2O5 की दी गई मात्रा द्वारा 10102+80× 2 मोल अपचयित होंगे = 12 के 0.11 मोल

पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड तथा सोडियम कार्बोनेट के मिश्रित विलयन को फीनॉल्फ्थैलीन सूचक के साथ अनुमापित करने पर N/20 HCI विलयन के 15 mL की आवश्यकता हुई। परंतु उसी विलयन की उतनी ही मात्रा को मेथिल ऑरेंज सूचक के साथ अनुमापित करने पर उसी अम्ल के 25 mL की आवश्यकता हुई। विलयन में उपस्थित KOH की मात्रा है

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KOH + Na2aO3

a M.e.b.M.e.

a + b2 = 15 × 120

2a + b= 1.5 … (i) (फीनॉल्फ्थैलीन की उपस्थिति में)

a + b = 25 × 120= 1.25… (ii) (मेथिल ऑरेंज की उपस्थिति में)

(i) तथा (ii) को हल करने पर a = 0.25 m.e

KOH का द्रव्यमान = 0.251000× 56 = 0. 014 gm

जब 4.77 gm. NaCl युक्त विलयन को 5.77 gm. AgNO3 के विलयन में मिलाया जाता है, तो अवक्षेपित AgCl का भार है [IIT 1978]

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  AgNO3  +  NaCl  →  AgCl   +   NaNO3  

मिलाने से पहले मोल 5.77108+14+48  4.7758.5  0  0

  = 0.0339  = 0.0815  (यहाँ AgNO3 सीमांत अभिकर्मक है, अतः)

मिलाने के बाद मोल  0  0.0815 – 0.0339  0.0339  0.0339

  = 0.0476

∴ बने AgCl के मोल = 0.0339

∴ बने AgCl का द्रव्यमान = अणु द्रव्यमान × मोलों की संख्या = 143.5 × 0.0339 = 4.864 gm

निम्नलिखित में से किस यौगिक में नाइट्रोजन उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती है?

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माना दिए गए यौगिकों में नाइट्रोजन की ऑक्सीकरण अवस्था x है।

(a)  x  +1

  N2H4

  2x + (+1)4 = 0

  2x = -4

  ...  x = -2

(b)  x +1

  NH3  x + (+1)3 =0

  ... x = -3

(c)  x +1

  N3H  x3 + (+1)0 = 0

  3x = -1

  ... x = -1/3

(d)  x+1-2+1

  NH2OH  x + (+1)2+(-2)+(+1) =0

  x+2-2+1=0

  ... x =-1

 

H4P2O5, H4P2O6, H4P2O7 में P की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ क्रमशः हैं

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मुख्य विचार H की ऑक्सीकरण अवस्था +1 तथा O की -2 होती है।

माना दिए गए यौगिकों में P की ऑक्सीकरण अवस्था x है।

H4P2O5 में .

  (+1) x 4 + 2 x x + (- 2) x 5 = 0

  4+ 2x-10 = 0

  2x = 6

  x = + 3

H4P2O6 में,

  (+1)x4+2x + (-2)x6 = 0

  4 + 2x-12=0

  2x = 8

  x = + 4

H4P2O7 में,

  (+1)x4+2 x (x + (-2)x7)=0

  4+2x -14 = 0

  2x=10

  x=+ 5

अतः, H4P2O5, H4P2O6, H4P2O7 में P की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ क्रमशः + 3, + 4 तथा +5 हैं।

PO43- में P की, SO42- में S की तथा Cr2O72- में Cr की ऑक्सीकरण संख्याएँ क्रमशः हैं,

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मुख्य विचार (i) सभी परमाणुओं की ऑक्सीकरण अवस्थाओं का योग = आयन का आवेश।

(ii) ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण संख्या = -2

 माना PO43- में P की ऑक्सीकरण अवस्था x है।

  PO43-

निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम दिए गए अम्लों की बढ़ती अम्ल सामर्थ्य को सही निरूपित करता है?

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ऑक्सी-अम्लों का अम्लीय गुण ऑक्सीकरण संख्या बढ़ने के साथ बढ़ता है। क्लोरीन के ऑक्सी-अम्लों की अम्लता निम्नलिखित क्रम में घटती है।

  HCl+7O4>HCl+5O3>HCl+3O2>HCl+1O

अतः सापेक्ष अम्लीय गुण बढ़ता है

निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे प्रबल ऑक्सीकारक है ?

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फ्लुओरीन। सबसे प्रबल ऑक्सीकारक फ्लुओरीन है जिसका मानक इलेक्ट्रोड विभव सबसे बड़ा धनात्मक मान रखता है।

1 मोल Sn2+ द्वारा K2Cr2O7 के कितने मोल अपचयित किए जा सकते हैं?\

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Sn2+ द्वारा K2Cr2O7 के अपचयन के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रियाएँ (आयनिक अभिक्रियाएँ) हैं:
Cr2O72- + 14H++ 6e-→2Cr3+ + 7H2O
( ​Sn2+ → Sn4+ + 2e- )  × 3

संतुलित कुल अभिक्रिया : 3Sn2++ Cr2O72- + 14H+ → 3 Sn4+ + 2Cr3+ + 7H2O​

अतः संतुलित अभिक्रिया के अनुसार : Cr2O72- का 1 मोल Sn2+ के 3 मोलों द्वारा अपचयित होगा
अतः Sn2+ का 1 मोल अपचयित करेगा = Cr2O72- के 1/3 मोल
  = Cr2O72- के 0.33 मोल

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Frequently Asked Questions

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