Biotechnology and its Applications NEET प्रश्न हिंदी में — जंतु विज्ञान (Zoology) MCQ उत्तर सहित

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जेल वैद्युत कणसंचलन किसके लिए प्रयुक्त होता है

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(b) जब किसी पादप अथवा जंतु जाति के किसी ऊतक से निष्कर्षित जीनोमी DNA को प्रतिबंधन एन्जाइम से पचाया जाता है, तो वह खंडों में कट जाता है। भिन्न-भिन्न आकार के खंडों को जेल वैद्युत कणसंचलन द्वारा पृथक किया जा सकता है। जेल वैद्युत कणसंचलन में खंड जेल के एक किनारे पर बने कूपक से आगे गति करते हैं। एंडोन्यूक्लिएज ऐसे एन्जाइम हैं जो DNA अणुओं में आंतरिक कटाव उत्पन्न करते हैं, जिन्हें विदलन कहते हैं। एंडोन्यूक्लिएजों का एक वर्ग DNA का विदलन केवल उन्हीं स्थलों पर अथवा उनके निकट करता है जिनमें विशिष्ट क्षार अनुक्रम होते हैं; ऐसे एंडोन्यूक्लिएज प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज कहलाते हैं। चयनित संवाहक को ऐसे प्रतिबंधन एन्जाइम से खोला जाता है जिसका अनुक्रम में एक अद्वितीय लक्ष्य स्थल होता है, जहाँ DNA निवेश को समाकलित किया जाना चाहिए, ताकि पुनर्योगज DNA का चयन सुगम हो सके।

मानव इंसुलिन का व्यावसायिक उत्पादन किसकी एक ट्रांसजैनिक जाति से किया जा रहा है

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1983 में एक अमेरिकी कंपनी एली लिली ने इंसुलिन की A तथा B श्रृंखलाओं के अनुरूप दो DNA अनुक्रमों का संश्लेषण करके प्रथम आनुवंशिक रूप से अभियंत्रित इंसुलिन तैयार किया। इन दो DNA अनुक्रमों अथवा जीनों को Escherichia coli के प्लैज्मिडों के साथ संगलित कराया गया तथा बाद में इंसुलिन श्रृंखलाएँ बनने दी गईं। Rhizobium एक ग्राम-ऋणात्मक, वायवीय, गतिशील, बीजाणु न बनाने वाला सहजीवी नाइट्रोजन-स्थिरीकारक जीवाणु है। यह नाइट्रोजन का स्थिरीकरण केवल तभी कर सकता है जब ये मूल ग्रंथिकाओं के भीतर उपस्थित हों। Mycobacterium tuberculosis मनुष्य में क्षय रोग उत्पन्न करता है। यह फुफ्फुसों, लसीका तथा तानिकाओं का एक तीव्र जीवाणु संक्रमण है।

Saccharomyces cerevisiae को बेकर’ का यीस्ट कहते हैं तथा Saccharomyces ellipsoidens वाइन यीस्ट है; इनका उपयोग क्रमशः बेकिंग एवं शराब उद्योग में किया जाता है।

प्रतिजैविक प्रतिरोधी जीन का प्लैज्मिड संवाहक के साथ जुड़ना किसके द्वारा संभव हुआ

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(a) DNA लाइगेज का उपयोग पुनर्योगज DNA अणु में शेष रह गई खाँचों को सील करने के लिए किया जाता है। वस्तुतः DNA लाइगेज किसी DNA रज्जुक में असंततता के दोनों ओर स्थित पड़ोसी न्यूक्लिओटाइडों को फॉस्फोडाइएस्टर बंध बनाकर आपस में जोड़ देता है।  एक पुनर्योगज DNA  अणु एक ऐसा संवाहक है जिसमें अभीष्ट DNA खंड को प्रविष्ट कराया गया हो, ताकि उपयुक्त परपोषी में उसका क्लोनिंग संभव हो सके। एंडोन्यूक्लिएज ऐसे एन्जाइम हैं जो DNA अणुओं में आंतरिक कटाव उत्पन्न करते हैं, जिन्हें विदलन कहते हैं। एंडोन्यूक्लिएजों का एक वर्ग DNA का विदलन केवल उन्हीं स्थलों पर अथवा उनके निकट करता है जिनमें विशिष्ट क्षार अनुक्रम होते हैं; ऐसे एंडोन्यूक्लिएज प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज कहलाते हैं। एक्सोन्यूक्लिएज ऐसे एन्जाइम हैं जो सिरों से एक अथवा अधिक न्यूक्लिओटाइड हटाते हैं। DNA पॉलिमरेज वह एन्जाइम है जो DNA प्रतिकृतिकरण के दौरान न्यूक्लिओटाइडों का बहुलकीकरण कराता है।

आनुवंशिक अभियांत्रिकी में अत्यंत उपयोगी पाए गए सूक्ष्मजीव हैं:

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(a) Escherichia coli तथा Agrobacterium tumefaciens ऐसे सूक्ष्मजीव हैं जो आनुवंशिक अभियांत्रिकी में अत्यंत उपयोगी पाए गए हैं। E.coli एक गतिशील, ग्राम-ऋणात्मक, छड़ाकार जीवाणु है जो मानव बृहदांत्र का सामान्य निवासी है। इसका उपयोग जीवाणु आनुवंशिकी तथा आण्विक जीवविज्ञान में सर्वाधिक व्यापक रूप से किया जाता है। Agrobacterium tumefaciens एक मृदा जीवाणु है। इसमें Ti प्लैज्मिड (अर्बुद प्रेरक प्लैज्मिड) होता है तथा इसका उपयोग द्विबीजपत्री पादपों में अभीष्ट जीन के स्थानांतरण हेतु किया जा सकता है।

प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज :

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प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज एक प्रकार का एन्जाइम है जो DNA के अणुओं को एक विशेष स्थल पर काट सकता है,

जिसे प्रतिबंधन स्थल कहते हैं तथा जिसमें पैलिंड्रोमिक अनुक्रम होता है। ये एन्जाइम अनेक जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न किए जाते हैं

तथा आक्रमणकारी विषाणुओं के DNA को काटकर एवं नष्ट करके कोशिका की रक्षा करते हैं। आजकल प्रतिबंधन

एन्जाइमों का व्यापक उपयोग आनुवंशिक अभियांत्रिकी की तकनीकों में किया जाता है।

इनमें से किसका उपयोग आनुवंशिक अभियांत्रिकी में सर्वाधिक व्यापक रूप से किया जाता है?

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(b) प्लैस्टिड अर्धस्वायत्त कोशिकांग हैं। ये कार्बनिक यौगिकों के भंडारण तथा संश्लेषण में भाग लेते हैं। सूत्रकणिकाओं को कोशिका का शक्तिगृह कहा जाता है, क्योंकि ये श्वसन के क्रेब्स' चक्र के केंद्र हैं, जो अधिकतम मात्रा में ऊर्जा मुक्त करते हैं। राइबोसोम प्रोटीन का निर्माण करने वाले अतिसूक्ष्म कोशिकांग हैं।

प्लैज्मिड ऐसे स्वायत्त अवयव हैं जिनके जीनोम कोशिका में अतिरिक्तगुणसूत्रीय इकाई के रूप में विद्यमान रहते हैं। ये जीवाणुओं में पाए जाने वाले गुणसूत्रीय अवयव हैं। प्लैज्मिडों का उपयोग क्लोनिंग संवाहकों के रूप में उनकी बढ़ी हुई उपज क्षमता के कारण किया जाता है।

 जीनप्ररूप में सुधार हेतु विजातीय जीनों का प्रवेश कराना कहलाता है

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(d) प्रोकैरियोटी तथा यूकैरियोटी DNA के प्रहस्तन की तकनीक में उल्लेखनीय विकास हुआ है। इससे किसी DNA अणु को दो अभीष्ट स्थानों पर तोड़कर एक विशिष्ट DNA खंड को पृथक करना तथा फिर उसे किसी अन्य DNA अणु में अभीष्ट स्थान पर प्रविष्ट कराना संभव हुआ है। इस प्रकार प्राप्त उत्पाद / DNA कहलाता है तथा यह तकनीक आनुवंशिक अभियांत्रिकी कहलाती है।

प्रतिबंधन एन्जाइम:

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(a) प्रतिबंधन एन्जाइम ऐसे एंडोन्यूक्लिएज हैं जो DNA का विदलन विशिष्ट स्थलों पर करते हैं। इन्हें मूलतः E.Coli जीवाणु से निष्कर्षित किया गया था। टाइप I प्रतिबंधन एन्जाइम द्विकुंडलित DNA के किसी पहचान स्थल से बंधते हैं तथा केवल एक ही रज्जुक का विदलन करते हैं। टाइप II प्रतिबंधन एन्जाइम जीन प्रहस्तन में अधिक उपयोगी हैं तथा बंधन स्थल पर या उसके निकट विशिष्ट लक्ष्य स्थलों पर द्विकुंडली का विदलन करते हैं।

ट्रांसजैनिक पादपों के उत्पादन में व्यापक रूप से प्रयुक्त एक अर्बुद प्रेरक प्लैज्मिड किसका है

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(d) T, प्लैज्मिड Agarobacterium tumefaciens में जीनोम के बाहर पाया जाता है, जिसमें T-DNA होता है, जो परपोषी पादप में अर्बुद उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी है।

वैद्युत सरंध्रण प्रक्रिया में सम्मिलित है

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(c) वैद्युत सरंध्रण वह प्रक्रिया है जिसका उपयोग जीवाणुओं अथवा पादप जीवद्रव्यकों के रूपांतरण हेतु किया जाता है। वैद्युत सरंध्रण द्विस्तरीय झिल्ली के लिपिड अणुओं के पुनर्संकेंद्रण के फलस्वरूप होता है, जिससे झिल्ली में जलस्नेही छिद्र बन जाते हैं। ऐसे छिद्रों का वितरण, आकार तथा संख्या दोनों ही दृष्टि से, कोशिका झिल्ली के वैद्युत गुणों का निर्धारण करता है।

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Frequently Asked Questions

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