कशेरुकियों को प्रोटोकॉर्डेटों से किसकी उपस्थिति द्वारा अलग किया जाता है?
NCERT कहता है, 'मूल कॉर्डेट लक्षणों के अतिरिक्त, कशेरुकियों में दो, तीन या चार कक्षों वाला अधर पेशीय हृदय, उत्सर्जन व परासरण नियमन के लिए वृक्क और युग्मित उपांग होते हैं जो पख या पाद हो सकते हैं।' प्रोटोकॉर्डेटों (यूरोकॉर्डेटा और सेफैलोकॉर्डेटा) में भी किसी अवस्था में पृष्ठरज्जु, क्लोम छिद्र और गुदा-पश्च पूँछ होती है परंतु कशेरुकियों के विभेदक लक्षणों के रूप में जटिल अधर पेशीय हृदय और परासरण नियमन के लिए वृक्क नहीं होते।