जंतु विज्ञान (Zoology) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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ट्रांसजैनिक पादपों के उत्पादन में व्यापक रूप से प्रयुक्त एक अर्बुद प्रेरक प्लैज्मिड किसका है

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(d) T, प्लैज्मिड Agarobacterium tumefaciens में जीनोम के बाहर पाया जाता है, जिसमें T-DNA होता है, जो परपोषी पादप में अर्बुद उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी है।

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वैद्युत सरंध्रण प्रक्रिया में सम्मिलित है

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(c) वैद्युत सरंध्रण वह प्रक्रिया है जिसका उपयोग जीवाणुओं अथवा पादप जीवद्रव्यकों के रूपांतरण हेतु किया जाता है। वैद्युत सरंध्रण द्विस्तरीय झिल्ली के लिपिड अणुओं के पुनर्संकेंद्रण के फलस्वरूप होता है, जिससे झिल्ली में जलस्नेही छिद्र बन जाते हैं। ऐसे छिद्रों का वितरण, आकार तथा संख्या दोनों ही दृष्टि से, कोशिका झिल्ली के वैद्युत गुणों का निर्धारण करता है।

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cDNA प्रोब दूत RNA अणुओं से किसकी सहायता से प्रतिलिपित किए जाते हैं

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(b)  रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एक एन्जाइम है, जिसका उपयोग रेट्रोवायरस अपने RNA से पूरक DNA (cDNA) बनाने के लिए करते हैं। इस प्रकार बना DNA फिर परपोषी कोशिका के गुणसूत्र में प्रविष्ट करा दिया जाता है।

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हिरुडिन है

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पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी में अनेक चरण सम्मिलित होते हैं, जिनमें प्रारंभिक चरण DNA का पृथक्करण है। इस प्रक्रिया में क्रमशः कवक कोशिका, पादप कोशिका तथा जीवाणु कोशिका को तोड़ने के लिए कौन-से एन्जाइम प्रयुक्त होते हैं?

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(b) पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी की प्रक्रियाओं में अभीष्ट DNA खंड के DNA का पृथक्करण सम्मिलित है। प्रतिबंधन एन्जाइमों से DNA को काटने के लिए उसका शुद्ध रूप में तथा अन्य वृहद् अणुओं से मुक्त होना आवश्यक है। DNA झिल्लियों के भीतर बंद रहता है, अतः RNA, प्रोटीन, बहुशर्कराओं तथा लिपिडों जैसे अन्य वृहद् अणुओं सहित DNA को मुक्त करने के लिए हमें कोशिका को तोड़ना पड़ता है। यह जीवाणु कोशिकाओं/पादप अथवा जंतु ऊतक को लाइसोजाइम (जीवाणु), सेलुलेज (पादप कोशिकाएँ), काइटिनेज (कवक) जैसे एन्जाइमों से उपचारित करके किया जा सकता है। RNA को राइबोन्यूक्लिएज से तथा प्रोटीनों को प्रोटिएज से उपचारित करके हटाया जा सकता है।

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EcoRI का स्रोत क्या है?

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(c) Eco R I एक टाइप II प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज एन्जाइम है, जिसे Eco R Y 13 जीवाणु से निष्कर्षित किया जाता है। यह 5'-GAATTC-3' पैलिंड्रोमिक अनुक्रम को पहचानकर काट सकता है तथा जैवप्रौद्योगिकी प्रयोगों में व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।

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निम्नलिखित में से कौन pBR322 संवाहक का अभिलक्षण नहीं है? 

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(d) pBR322 में Sal I के लिए एक प्रतिबंधन स्थल होता है।

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DNA पुनर्योगज प्रौद्योगिकी में प्लैज्मिड संवाहक का अर्थ है

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(b) संवाहक ऐसे DNA अणु हैं जो किसी विजातीय DNA खंड को वहन कर सकते हैं तथा परपोषी कोशिका के भीतर प्रतिकृतिकरण कर सकते हैं। प्लैज्मिड संवाहक अतिरिक्तगुणसूत्रीय, स्वप्रतिकृतिकारी, प्रायः वर्तुल, द्विरज्जुकी DNA अणु हैं, जो अनेक जीवाणुओं तथा कुछ यीस्टों में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। यद्यपि प्लैज्मिड सामान्य कोशिका वृद्धि तथा विभाजन के लिए प्रायः आवश्यक नहीं होते, फिर भी वे परपोषी जीवों को प्रायः कुछ लक्षण प्रदान करते हैं, जैसे कुछ प्रतिजैविकों अथवा विषों के प्रति प्रतिरोध, जो कुछ परिस्थितियों में वरणात्मक लाभ हो सकता है। प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले इन प्लैज्मिडों को प्रयोगशाला में संवाहक के रूप में कार्य करने हेतु रूपांतरित किया गया है।

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T-DNA के स्थानांतरण हेतु किस जीव का उपयोग किया जाता है?

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(b) मृदा जीवाणु Agrobacterium tumefaciens का Ti प्लैज्मिड (अर्बुद प्रेरक) पादप कोशिकाओं में जीन स्थानांतरण हेतु संवाहक के रूप में प्रभावी ढंग से प्रयुक्त होता है। Ti प्लैज्मिड का वह भाग, जो पादप कोशिका के DNA में स्थानांतरित होता है, T-DNA कहलाता है। अभीष्ट DNA जुड़े हुए इस T-DNA को परपोषी पादप के गुणसूत्र में प्रविष्ट कराया जाता है, जहाँ यह एक गुणसूत्रीय स्थान से दूसरे स्थान पर यादृच्छिक रूप से प्रवास करके अपनी प्रतियाँ बनाता है।

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बायोलिस्टिक (जीन गन) किसके लिए उपयुक्त है

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बायोलिस्टिक अथवा जीन गन विधि में, DNA से लेपित 1-2 μg टंग्स्टन अथवा स्वर्ण कणों का उपयोग पादप कोशिका के रूपांतरण हेतु किया जाता है। यह उपकरण पादपों सहित लगभग किसी भी प्रकार की कोशिका का रूपांतरण कर सकता है तथा केंद्रक की आनुवंशिक सामग्री तक सीमित नहीं है। यह प्लैस्टिड सहित कोशिकांगों का भी रूपांतरण कर सकता है।

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