निम्नलिखित में से कौन तिलचट्टे में उत्सर्जन में शामिल नहीं है?
उत्सर्जन मैल्पीघी नलिकाओं द्वारा किया जाता है। प्रत्येक नलिका ग्रंथिल तथा पक्ष्माभी कोशिकाओं से आस्तरित होती है, अपक्ष्माभी स्तंभाकार कोशिकाओं से नहीं।
ये नाइट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थों को अवशोषित कर यूरिक अम्ल में बदल देती हैं, जो पश्चांत्र से बाहर उत्सर्जित होता है। इसलिए इस कीट को यूरिकोटेलिक कहते हैं। इसके अतिरिक्त वसा काय, नेफ्रोसाइट तथा यूरिकोज ग्रंथियाँ भी उत्सर्जन में सहायता करती हैं।