निम्नलिखित अंगों में से कौन-से संवेदी अंग नहीं हैं:
श्रृंगिकाएँ, मैक्सिलरी पैल्प, मैंडिबुलर पैल्प, लेब्रल पैल्प, लेबियल पैल्प तथा गुद लूम
NCERT पृष्ठ संख्या-114; शारीर; पैरा-3
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निम्नलिखित अंगों में से कौन-से संवेदी अंग नहीं हैं:
श्रृंगिकाएँ, मैक्सिलरी पैल्प, मैंडिबुलर पैल्प, लेब्रल पैल्प, लेबियल पैल्प तथा गुद लूम
NCERT पृष्ठ संख्या-114; शारीर; पैरा-3
मोज़ेक दृष्टि में कौन-सा लक्षण नहीं होता
NCERT पृष्ठ संख्या-114; शारीर; पैरा-3
तिलचट्टों के नर जनन तंत्र में नहीं होता
NCERT पृष्ठ संख्या-114; शारीर; पैरा-4
तिलचट्टे में मैथुन के समय
NCERT पृष्ठ संख्या-114; शारीर; पैरा-4
अंडकवच (ऊथिका)
NCERT पृष्ठ संख्या-114 (पैरा-5), 115 (पैरा-1)
यदि एक मादा तिलचट्टे के 10 अंडकवच हों, तो कुल अंडों की संख्या क्या होगी
NCERT पृष्ठ संख्या-115; शारीर; पैरा-1
अभिकथन : मूत्राशय मूत्र को समायोजित करने के लिए काफी फैल सकता है।
कारण : यह तन्य शल्की उपकला से आस्तरित होता है।
मूत्राशय शल्की उपकला से नहीं, बल्कि संक्रमणी उपकला से आस्तरित होता है, जो एक तन्य संयुक्त उपकला है। इसमें आधार पर घनाकार कोशिकाओं की एक परत, बड़ी बहुभुजी कोशिकाओं की 2-3 मध्य परतें तथा बड़ी, चौड़ी आयताकार कोशिकाओं की एक सतही परत होती है। खिंचाव से सतही तथा मध्य परतों की कोशिकाएँ काफी चपटी और चौड़ी हो जाती हैं, जिससे मूत्राशय का विस्तार होता है।
अभिकथन : मास्ट कोशिकाएँ शरीर की रक्षा में सहायता करती हैं।
कारण : मास्ट कोशिकाएँ सूक्ष्मजीवों का भक्षण कर उन्हें नष्ट करती हैं।
मास्ट कोशिकाएँ कणिकामय कोशिकाद्रव्य वाली बड़ी अनियमित कोशिकाएँ हैं, जो अवकाशी संयोजी ऊतक में उपस्थित होती हैं। ये कोशिकाएँ हिस्टामिन जैसे शोथ उत्पन्न करने वाले पदार्थों को सघन कणिकाओं में संचित रखती हैं। मास्ट कोशिकाएँ भक्षकाणुओं को क्षतिग्रस्त ऊतक की ओर आकर्षित करके शरीर की रक्षा में सहायता करती हैं।
B-रूप DNA में कुंडली का एक चक्कर लगभग होता है [2006]
(b) B-DNA 20Å की कुंडलित संरचना है, दो क्षारक युग्मों के बीच की दूरी 3.4Å है तथा प्रत्येक चक्कर या पिच (एक घुमाव) में 10 क्षारक युग्म होते हैं। अतः कुंडली का एक चक्कर लगभग 34Å या 3.4 nm होता है (10Å = 1.0 nm)। Z-DNA (B-DNA की तुलना में) वामावर्ती द्विकुंडलित संरचना है, जिसमें द्विकुंडली (B-DNA की तरह दाईं ओर के बजाय) टेढ़े-मेढ़े (ज़िग-ज़ैग) ढंग से बाईं ओर घूमती है।
एंजाइम संदमन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? [2005]
(b) प्रतिस्पर्धी संदमक एंजाइम के सक्रिय स्थल पर अधिकार के लिए क्रियाधार अणु से प्रतिस्पर्धा करता है। इन संदमकों की संरचना क्रियाधार अणुओं से मिलती-जुलती होती है, जिसके कारण ये आसानी से एंजाइम का सक्रिय स्थल पा लेते हैं और एंजाइम-संदमक सम्मिश्र बनाते हैं।
E + I EI सम्मिश्र
(एंजाइम) (संदमक)
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