जगत प्रोटिस्टा में सम्मिलित नहीं है
जगत प्रोटिस्टा की रचना हैकल (1886) ने की थी। इसमें हरे तथा लाल शैवालों को छोड़कर सभी एककोशिकीय एवं निवही यूकैरियोट सम्मिलित हैं। प्रोटिस्ट लगभग 1000 मिलियन वर्ष पूर्व विकसित होने वाले प्रथम यूकैरियोट थे। ये अधिकांशतः जलीय हैं। इन्हें मोटे तौर पर तीन समूहों में बाँटा जाता है - प्रकाश-संश्लेषी, अवपंक कवक तथा प्रोटोजोआ। प्रकाश-संश्लेषी प्रोटिस्ट प्रकाश-स्वपोषी होते हैं, जैसे डायटम, डाइनोफ्लैजिलेट तथा यूग्लीनॉइड। प्रोटोजोआ प्रोटिस्ट में सार्कोडाइन/अमीबा, जंतु-कशाभिकी, बीजाणुजीवी तथा पक्ष्माभी सम्मिलित हैं। इसमें जीवाणु सम्मिलित नहीं हैं। जीवाणु सरल प्रोकैरियोट हैं, जो मृदा, जल एवं वायु में तथा जंतुओं, पादपों एवं अन्य सूक्ष्मजीवों के सहजीवी, परजीवी एवं रोगजनक के रूप में पाए जाते हैं।