एक ही गुणसूत्र पर जीन युग्मों के बीच पुनर्योगजन की आवृत्ति को जीनों के बीच की दूरी के रूप में माप कर, गुणसूत्र पर उनकी स्थिति का मापन का उपयोग सबसे पहले किसने किया था?
अल्फ्रेड स्टर्टीवांट.
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एक ही गुणसूत्र पर जीन युग्मों के बीच पुनर्योगजन की आवृत्ति को जीनों के बीच की दूरी के रूप में माप कर, गुणसूत्र पर उनकी स्थिति का मापन का उपयोग सबसे पहले किसने किया था?
अल्फ्रेड स्टर्टीवांट.
बहुप्रभाविता की घटना का क्या अर्थ है?
एक जीन → कई फेनोटाइप.
क्लीनेफेल्टर सिंड्रोम के विषय में कौन-से कथन सही हैं?
A. इस विकार का वर्णन सबसे पहले लैंगडॉन डाउन (1866) ने किया था। B. एक व्यक्ति में साधारणतया नर परिवर्धन होता है जबकि मादा परिवर्धन भी व्यक्त होता है। C. प्रभावित व्यक्ति छोटे आकार का होता है। D. शारीरिक, साइकोमोटर और मानसिक विकास रुक जाता है। E. ऐसे व्यक्ति बन्ध्य होते हैं।
केवल B और E.
एक पादप में, बीज का काला रंग (BB/Bb) सफेद रंग (bb) पर प्रभावी है। काले बीज वाले पादप का जीनप्ररूप ज्ञात करने के लिए, आप उसका संकरण निम्नलिखित में से किस जीनप्ररूप के पादप के साथ कराएंगे?
समयुग्मजी अप्रभावी (bb) के साथ परीक्षण संकरण।
एक गुलाबी पुष्पों वाले स्नेपड्रैगन के पौधे का लाल पुष्पों वाले स्नेपड्रैगन के पौधे के साथ संकरण कराया गया। संतति में किस प्रकार के लक्षणप्ररूप के होने की उम्मीद की जाती है?
लाल और गुलाबी।
निम्नलिखित में से किनकी मेन्डल के प्रभाविता के नियम के आधार पर व्याख्या की जा सकती है?
A. फैक्टर के एक जोड़े में से एक प्रभावी और दूसरा अप्रभावी होता है।
B. एलील कोई अभिव्यक्ति प्रदर्शित नहीं करते हैं और $F_2$ पीढ़ी में दोनों गुण उसी रुप में प्रकट हो जाते हैं।
C. सामान्य द्विगुणित पादपों में फैक्टर जोड़ों में पाए जाते हैं।
D. किसी गुण विशेष को नियंत्रित करने वाली विविक्त इकाई फैक्टर कहलाती है।
E. एकसंकर संकरण में केवल एक जनक के गुण की अभिव्यक्ति होती है।
सही उत्तर को चुनिए:
A, C, D, E.
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए:
| सूची I | सूची II |
|---|---|
| A. एक जीन के दो या अधिक वैकल्पिक स्वरूप | I. प्रतीप संकरण (बैक क्रॉस) |
| B. $F_1$ संतति का समयुग्मजी अप्रभावी जनक के साथ संकरण | II. सूत्रगुणता |
| C. $F_1$ संतति का किसी भी जनक के साथ संकरण | III. एलील |
| D. पादप में गुणसूत्र सेटों की संख्या | IV. परीक्षणार्थ संकरण (टेस्ट क्रॉस) |
सही उत्तर को चुनिए:
A-III, B-IV, C-I, D-II.
बहुजीनी विशेषकों की वंशागति का पैटर्न क्या है?
बहुजीनी (मात्रात्मक) विशेषक अनेक जीनों के योगात्मक प्रभाव से नियंत्रित, सतत व गैर-मेंडली पैटर्न दर्शाते हैं।
जीन R और Y स्वतंत्र अपव्यूहन का अनुपालन करते हैं। यदि RRYY गोल, पीले बीज उत्पन्न करता है और rryy झुर्रीदार हरे बीज उत्पन्न करता है, तो F₂ पीढ़ी का फीनोटिपिक (लक्षणप्ररूपी/दृश्य प्ररूपी) अनुपात क्या होगा?
स्वतंत्र अपव्यूहन के साथ द्विसंकर क्रॉस F₂ में 9 : 3 : 3 : 1 अनुपात देता है।
प्रदत्त पेडीग्री (वंशावली) की सहायता से F₃ पीढ़ी में जन्मी संतति के रोगमुक्त और वाहक (जीन के एक युग्मविकल्पी पर रोग उत्परिवर्तन है) होने की प्रायिकता ज्ञात करें।
F₂ क्रॉस वाहक मादा (Aa) × प्रभावित नर (aa) है; संतति ½ Aa (रोगमुक्त वाहक) : ½ aa। रोगमुक्त वाहक की प्रायिकता 1/2 है।
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