Molecular Basis of Inheritance NEET प्रश्न हिंदी में — वनस्पति विज्ञान (Botany) MCQ उत्तर सहित

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संरचनात्मक जीन का समतुल्य है

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Explanation

सिस्ट्रॉन DNA का वह खंड है जो संपूर्ण पॉलिपेप्टाइड के संश्लेषण का निर्धारण करता है। अतः इसे संरचनात्मक जीन के समतुल्य माना जाता है। इसलिए यही विकल्प सही है तथा अन्य गलत हैं।

संकल्पना संवर्धक - सुकेंद्रकी संरचनात्मक जीन एकसिस्ट्रॉनिक होता है जबकि प्रोकैरियोटी संरचनात्मक जीन बहुसिस्ट्रॉनिक होता है।

म्यूटॉन - DNA की सबसे छोटी इकाई जिसमें उत्परिवर्तन होता है।

ऑपेरॉन - जीनोमी DNA की क्रियात्मक इकाई जिसमें एक ही प्रवर्तक के नियंत्रण में जीनों का समूह होता है।

रीकॉन - पुनर्योजन के लिए DNA की सबसे छोटी इकाई।

DNA-निर्भर RNA पॉलिमरेज DNA के एक रज्जुक पर अनुलेखन का उत्प्रेरण करता है जिसे कहते हैं 

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DNA निर्भर RNA पॉलिमरेज DNA के एक रज्जुक पर अनुलेखन का उत्प्रेरण करता है जिसे टेम्पलेट रज्जुक कहते हैं।

टेम्पलेट को DNA के उन रज्जुकों में से एक माना जा सकता है जो अपनी सूचना सीधे RNA पॉलिमरेज के माध्यम से कूटवाचित कराता है।

यह सूचना फिर RNA अणु में संचित हो जाती है तथा कोशिकाद्रव्य में प्रोटीन संश्लेषण हेतु केंद्रक से बाहर स्थानांतरित होती है।

वर्तमान में उपलब्ध DNA अंगुलिछापी की किसी भी तकनीक के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्यक नहीं है ?

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जिंक फिंगर एक छोटा प्रोटीन संरचनात्मक अभिप्ररूप है जो वलनों को स्थायित्व देने हेतु एक या अधिक Zn आयनों के समन्वयन से अभिलक्षित होता है।

केंद्रकद्रव्य से RNA पॉलिमरेज III हटाने पर किसका संश्लेषण प्रभावित होगा

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RNA पॉलिमरेज III tRNA का अनुलेखन करता है, RNA पॉलि II mRNA का संश्लेषण करता है जबकि RNA पॉलि I सुकेंद्रकियों में rRNA का संश्लेषण करता है।

निम्नलिखित में से कौन DNA में अनुलेखन इकाई का भाग नहीं है?

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अनुलेखन इकाई में प्रवर्तक, संरचनात्मक जीन तथा समापक होते हैं। प्रेरक (लैक्टोस/ऐलोलैक्टोस) अनुलेखन इकाई का घटक नहीं है।

यदि DNA के एक रज्जुक का नाइट्रोजनी क्षार अनुक्रम ATCTG है, तो पूरक RNA रज्जुक का अनुक्रम क्या होगा?

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यदि DNA के एक रज्जुक का नाइट्रोजनी क्षार अनुक्रम ATCTG है, तो mRNA का पूरक अनुक्रम UAGAC होगा।

अनुलेखन के दौरान इंट्रॉनों को हटाना तथा एक्सॉनों को एक निश्चित क्रम में जोड़ना कहलाता है

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किसी प्रारूपी सुकेंद्रकी जीन का प्राथमिक अनुलेख एक्सॉनों के साथ-साथ इंट्रॉन भी रखता है। RNA स्प्लाइसिंग के दौरान इंट्रॉन हटा दिए जाते हैं तथा एक्सॉन एक निश्चित क्रम में जुड़कर क्रियाशील RNA बनाते हैं।

इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से देखने पर गुणसूत्रों में ‘धागे पर मणिकाओं’ जैसी दिखने वाली संरचनाएँ कौन-सी हैं?

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न्यूक्लियोसोम क्रोमैटिन की अतिसूक्ष्म उपइकाई है जो हिस्टोन प्रोटीनों के क्रोड पर DNA के लिपटने से बनती है। यह शब्द ऊडे et. al, (1975) ने गढ़ा। यह चपटी संरचना है जिसकी लंबाई 10 nm तथा मोटाई 5-5.7 nm होती है। इसका क्रोड न्यू-काय कहलाता है। यह हिस्टोन अणुओं के चार युग्मों से बना होता है। H2A, H2B, H3 तथा H4। DNA इस पर 1.75 फेरे लगाता है

नीचे दिए गए चार (A - D) कथनों में से दो सही कथन चुनिए, जो lac ऑपेरॉन के विषय में हैं।

(A) ग्लूकोस या गैलेक्टोस दमनकारी से बंधकर उसे निष्क्रिय कर सकता है

(B) लैक्टोस की अनुपस्थिति में दमनकारी प्रचालक क्षेत्र से बंध जाता है

(C) z-जीन परमिएज का कूटलेखन करता है

(D) इसकी व्याख्या फ्रांस्वा जैकब तथा जैक्स मोनो ने की

सही कथन हैं

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Explanation

प्रोकैरियोटों में प्रोटीन संश्लेषण के नियमन की व्याख्या हेतु 1961 में एक परिकल्पना दी गई। यह परिकल्पना एफ. जैकब तथा जे. मोनो ने दी और इसके लिए उन्हें 1965 में नोबेल पुरस्कार मिला; यह परिकल्पना ऑपेरॉन मॉडल के नाम से जानी गई।

प्रचालक जीन DNA का वह खंड है जो अनुलेखन पर नियंत्रण रखता है। लैक्टोस की अनुपस्थिति में दमनकारी प्रचालक जीन से बंध जाता है।

आनुवंशिक कूट का जो पक्ष उसका प्रमुख लक्षण नहीं है, वह है उसका

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आनुवंशिक कूट अपह्रासी है, अर्थात्, किसी दिए गए ऐमीनो अम्ल को एक से अधिक कूटों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।

कोशिका माध्यम के भीतर आनुवंशिक कूट को अद्वयर्थी कहा जाता है क्योंकि कोई विशेष कूट सदैव उसी ऐमीनो अम्ल का कूटलेखन करता है। किंतु कुछ विरले प्रकरणों में आनुवंशिक कूट द्वयर्थी पाया जाता है, अर्थात्, कुछ कूट भिन्न दशाओं में भिन्न ऐमीनो अम्लों का कूटलेखन करते हैं। आनुवंशिक कूट लगभग सार्वभौमिक है।

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Frequently Asked Questions

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