पॉलीपेप्टाइड संश्लेषण के चित्रों के एक क्रम में एक राइबोसोम दो स्थानांतरण RNA को थामे हुए दिखाया गया है। एक tRNA से एक पॉलीपेप्टाइड शृंखला जुड़ी है; दूसरे tRNA से एक अकेला अमीनो अम्ल जुड़ा है। अगला चित्र क्या दर्शाएगा?
Molecular Basis of Inheritance NEET प्रश्न हिंदी में — वनस्पति विज्ञान (Botany) MCQ उत्तर सहित
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स्तम्भ-I स्तम्भ-II
I. प्रचालक स्थल (A) RNA पॉलिमरेज हेतु बंधन स्थल
II. उन्नायक स्थल (B) दमनकारी अणु हेतु बंधन स्थल
III. संरचनात्मक जीन (C) एन्जाइम प्रोटीन के लिए कूट करता है
IV. नियामक जीन (D) दमनकारी अणुओं के लिए कूट करता है
सही मिलान है:
उपर्युक्त स्थल तथा जीन lac ऑपेरॉन से सम्बंधित हैं।
- प्रचालक स्थल: दमनकारी का बंधन
- उन्नायक स्थल: RNA पॉलिमरेज का बंधन
- संरचनात्मक जीन: एन्जाइमों की प्रोटीनों के लिए कूट करता है
- नियामक जीन: दमनकारी अणुओं के लिए कूट करता है
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स्तम्भ-I स्तम्भ-II
I. समापन (A) ऐमीनोऐसिल tRNA सिंथेटेज
II. अनुवादन (B) ओकाजाकी खंड
III. अनुलेखन (C) GTP-आश्रित मोचक कारक
IV. DNA प्रतिकृतिकरण (D) RNA पॉलिमरेज
सही मिलान है:
- समापन: GTP-आश्रित मोचक कारक अनुवादन में समापन कोडॉन को पहचानता है तथा अनुवादन के प्रक्रम को समाप्त कर देता है।
- अनुवादन: ऐमीनोऐसिल tRNA सिंथेटेज वे एन्जाइम हैं जो अनुवादन में किसी अमीनो अम्ल को उसके संगत tRNA से जोड़कर ऐमीनोऐसिलीकरण अभिक्रिया को उत्प्रेरित करते हैं।
- अनुलेखन: अनुलेखन का प्रक्रम प्रोकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज तथा यूकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज I, II तथा III द्वारा सम्पन्न होता है।
- DNA प्रतिकृतिकरण: अर्धसंरक्षी DNA प्रतिकृतिकरण के दौरान अग्रगामी रज्जुक सतत होती है जबकि पश्चगामी रज्जुक असतत होती है तथा ओकाजाकी खंडों से बनी होती है।
1953 में जेम्स वाटसन तथा एफ. क्रिक ने DNA का द्विकुण्डलिनी मॉडल प्रस्तावित किया और नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। DNA का उनका मॉडल किस पर आधारित था:
A. एम. विल्किंस तथा आर. फ्रैंकलिन द्वारा प्राप्त DNA का X-किरण विवर्तन
B. ग्रिफिथ का प्रयोग।
C. हर्शे-चेज़ प्रयोग
D. चारगॉफ का क्षारक तुल्यता नियम (A + G / T + C = 1)
- 1953 में जेम्स वाटसन तथा फ्रांसिस क्रिक ने मॉरिस विल्किंस तथा रोज़लिंड फ्रैंकलिन द्वारा प्राप्त X-किरण विवर्तन आँकड़ों को चारगॉफ के इस निष्कर्ष के साथ जोड़ते हुए कि A = T तथा C = G, DNA की संरचना हेतु एक अत्यंत सरल किंतु प्रसिद्ध द्विकुण्डलिनी मॉडल प्रस्तावित किया।
- ग्रिफिथ ने अपने प्रयोगों के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि कोई आनुवंशिक पदार्थ है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होता है।
- हर्शे-चेज़ प्रयोग ने पुष्टि की कि विषाणुओं से प्रोटीन जीवाणुओं में प्रवेश नहीं करती। अतः DNA ही वह आनुवंशिक पदार्थ है जो विषाणु से जीवाणु में जाता है।
किसी DNA अणु की एक पॉलीन्यूक्लियोटाइड शृंखला में A + T / G + C का अनुपात 0.3 है। सम्पूर्ण DNA अणु का A + G / T + C अनुपात क्या होगा:
dsDNA में A = T तथा G = C
A + T / G + C = 0.3
2A/2G = 0.3
A = 0.3 X G ----(i)
साथ ही, (A + T) + (G + C) = 100 ---(ii)
सभी को G के पदों में रखने पर :-
0.3G + 0.3G + G + G = 100
2.6G = 100
G = 38.5 = C
(i) से
A = T = 0.3G = 11.55
A + G / T + C = 11.55 + 38.5 / 38.5 + 11.55 = 1
DNA पॉलिमरेज:
A. RNA संश्लेषण का मुख्य एन्जाइम है
B. DNA-आश्रित DNA बहुलकीकारक एन्जाइम है
C. अत्यधिक दक्ष एन्जाइम है
D. उच्च परिशुद्धता के साथ अभिक्रिया उत्प्रेरित करता है
अनुलेखन में RNA संश्लेषण का मुख्य एन्जाइम RNA पॉलिमरेज है।
mRNA तथा tRNA के बीच अंतर है / हैं कि:
A. व्यापक क्षारक-युग्मन के कारण mRNA की त्रिविमीय संरचना अधिक विस्तृत होती है।
B. व्यापक युग्मन के कारण tRNA की त्रिविमीय संरचना अधिक विस्तृत होती है।
C. tRNA प्रायः mRNA से छोटा होता है।
D. mRNA में प्रतिकोडॉन होता है किंतु tRNA में कोडॉन होते हैं।
mRNA तथा tRNA के बीच मुख्य अंतर ये हैं: B) व्यापक क्षारक-युग्मन के कारण tRNA की त्रिविमीय संरचना अधिक विस्तृत होती है, तथा C) tRNA, mRNA से छोटा होता है। mRNA में प्रतिकोडॉन नहीं होता, और tRNA में प्रतिकोडॉन होते हैं, कोडॉन नहीं। अतः सही विकल्प B, C है।
यूकैरियोटों में जीन अभिव्यक्ति का नियमन किस स्तर पर होता है:
A. अनुलेखन स्तर
B. प्रसंस्करण स्तर
C. केन्द्रक से कोशिकाद्रव्य में mRNA का परिवहन
D. अनुवादन स्तर
जीन अभिव्यक्ति के फलस्वरूप एक पॉलीपेप्टाइड बनती है, जिसका यूकैरियोटों में निम्नलिखित स्तरों पर नियमन होता है:
(i) अनुलेखन स्तर (प्राथमिक अनुलेख का निर्माण)
(ii) प्रसंस्करण स्तर (स्प्लाइसिंग का नियमन)
(iii) केन्द्रक से कोशिकाद्रव्य में mRNA का परिवहन
(iv) अनुवादन स्तर।
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प्रोकैरियोटों में जीन नियमन किस स्तर पर होता है:
प्रोकैरियोटों में जीन अभिव्यक्ति के नियंत्रण का प्रमुख स्थल अनुलेखन प्रारम्भन की दर का नियंत्रण है।
किसी अनुलेखन इकाई में, किसी दिए गए उन्नायक पर RNA पॉलिमरेज की सक्रियता का नियमन सहायक प्रोटीनों के साथ अन्योन्यक्रिया द्वारा होता है।
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कौन-सा / कौन-से सही है / हैं?
A. प्रोकैरियोटों में एक ही प्रकार का RNA पॉलिमरेज mRNA, tRNA तथा rRNA का अनुलेखन कर सकता है।
B. यूकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज I, rRNA (28s, 18s तथा 5.8s) का अनुलेखन करता है जबकि RNA पॉलिमरेज III, tRNA, 5s rRNA तथा snRNA के अनुलेखन हेतु उत्तरदायी है।
C. यूकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज II, hnRNA का अनुलेखन करता है।
D. राइबोसोम की बड़ी उपइकाई में P तथा A-स्थल होते हैं।
उपर्युक्त सभी कथन सही हैं।
A. प्रोकैरियोटों में अनुलेखन केवल RNA पॉलिमरेज द्वारा उत्प्रेरित होता है।
B. यूकैरियोटों में,
RNA पॉलिमरेज I : rRNA (28S, 18S तथा 5.8S) का अनुलेखन करता है
RNA पॉलिमरेज III : tRNA, 5s rRNA तथा snRNA का अनुलेखन
C. RNA पॉलिमरेज II : mRNA का पूर्ववर्ती, अर्थात् विषमांगी केन्द्रकीय RNA (hnRNA)।
D. राइबोसोम की बड़ी उपइकाई में तीन स्थल होते हैं- E, P तथा A स्थल
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