चक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण में भाग लेता है
चक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण, प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण की वह प्रक्रिया है जिसमें उत्तेजित प्रकाश केंद्र द्वारा निकाला गया इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन वाहकों की एक शृंखला से होकर पुनः उसी केंद्र पर लौट आता है। चक्रीय प्रकाश-फॉस्फोरिलीकरण केवल प्रकाशतंत्र I द्वारा किया जाता है। इलेक्ट्रॉन उसी प्रकाशतंत्र के भीतर परिचालित होता है तथा इलेक्ट्रॉन के चक्रीय प्रवाह के कारण फॉस्फोरिलीकरण होता है। उत्तेजित इलेक्ट्रॉन NADP+ तक नहीं जाता, बल्कि इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला द्वारा पुनः PS I संकुल में लौट आता है। अतः इस चक्रीय प्रवाह से केवल ATP का संश्लेषण होता है, NADPH + H+ का नहीं।