Plant Anatomy Plant Tissues NEET प्रश्न हिंदी में — वनस्पति विज्ञान (Botany) MCQ उत्तर सहित

Plant Anatomy Plant Tissues (Botany) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Clear Register free for difficulty & keyword filters

संवहन एधा सामान्यतः किसे उत्पन्न करती है।

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c) संवहन एधा संवहनी पादपों के तनों तथा जड़ों में जाइलम और फ्लोएम के बीच स्थित होती है- यह मज्जा की ओर द्वितीयक जाइलम तथा छाल की ओर द्वितीयक फ्लोएम बनाती है। फेलोजन संकरी, पतली भित्ति वाली तथा लगभग आयताकार कोशिकाओं से बना होता है। फेलोजन दोनों ओर कोशिकाएँ काटता है। बाहरी कोशिकाएँ कॉर्क अथवा फेलम में विभेदित होती हैं जबकि भीतरी कोशिकाएँ द्वितीयक वल्कुट अथवा फेलोडर्म में विभेदित होती हैं। फेलोजन, फेलम तथा फेलोडर्म को सम्मिलित रूप से परिचर्म कहते हैं।

रंध्री गतियों की सबसे मान्य तथा नवीनतम व्याख्या कौन देता है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

रंध्रों का खुलना तथा बंद होना पोटैशियम आयनों (K⁺) के अंतर्वाह तथा बहिर्वाह के कारण होता है। K⁺ की वृद्धि से रंध्र खुलता है तथा K⁺ की कमी से रंध्र बंद होता है। द्वार कोशिकाओं की स्फीति पत्तियों की सतह पर पाए जाने वाले रंध्रों के छिद्रों को खोलने के लिए प्रेरित करती है।

आपको द्विबीजपत्री तने तथा द्विबीजपत्री जड़ का काफी पुराना टुकड़ा दिया गया है। दोनों में भेद करने के लिए आप निम्नलिखित में से किस शारीरिक संरचना का उपयोग करेंगे?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

आदिदारु की उपस्थिति द्विबीजपत्री तने को द्विबीजपत्री जड़ से अलग करने में सहायक होती है। जड़ों में आदिदारु अवयव बहिरादिदारुक क्रम में (केंद्र की ओर) व्यवस्थित होते हैं, जबकि तनों में ये अंतरादिदारुक क्रम में (परिधि की ओर) व्यवस्थित होते हैं।

अंतरापूलीय एधा किन कोशिकाओं से विकसित होती है ?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) द्विबीजपत्री तनों में प्राथमिक जाइलम तथा प्राथमिक फ्लोएम के बीच उपस्थित एधा की कोशिकाएँ अंतःपूलीय एधा हैं। इन अंतःपूलीय एधा से लगी मज्जा रश्मियों की कोशिकाएँ
विभज्योतकी हो जाती हैं तथा अंतरापूलीय एधा बनाती हैं। जाइलम मृदूतक जीवित तथा पतली भित्ति वाला होता है और इसकी कोशिका भित्ति सेलुलोस की बनी होती है। द्विबीजपत्री जड़ों में वल्कुट की सबसे भीतरी परत को अंतस्त्वचा कहते हैं। अंतस्त्वचा के आगे मोटी भित्ति वाली मृदूतकी कोशिकाओं की कुछ परतें होती हैं जिन्हें परिरंभ कहते हैं।

वातरंध्र किसमें भाग लेते हैं

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) पादपों में गैसीय विनिमय में भाग लेने वाले रंध्र तथा वातरंध्र होते हैं। तनों में जीवित कोशिकाएँ छाल के भीतर तथा उसके नीचे पतली परतों में व्यवस्थित रहती हैं। इनमें वातरंध्र नामक छिद्र होते हैं। वाष्पोत्सर्जन पादपों द्वारा जल की वाष्पीय हानि है। यह मुख्यतः पत्तियों के रंध्रों द्वारा होता है। भोजन का परिवहन संवहन ऊतक फ्लोएम द्वारा स्रोत से सिंक तक होता है। प्रकाश संश्लेषण एक भौतिक-रासायनिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा पादप प्रकाश ऊर्जा का उपयोग कर कार्बनिक यौगिकों का संश्लेषण करते हैं।

सामान्य बोतल का कॉर्क किसका उत्पाद है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

कॉर्क एधा अथवा फेलोजन कोशिकाएँ परिनतिक रूप से विभाजित होकर बाहर तथा भीतर की ओर कोशिकाएँ काटती हैं। बाहर की ओर कटी कोशिकाएँ सुबेरिनयुक्त तथा मृत हो जाती हैं। ये अंतरकोशिकीय अवकाश के बिना त्रिज्य पंक्तियों में सघन रूप से व्यवस्थित रहती हैं तथा कॉर्क अथवा फेलम बनाती हैं। सुबेरिन के कारण कॉर्क जल के लिए अपारगम्य होता है तथा नीचे स्थित ऊतकों को सुरक्षा प्रदान करता है। कॉर्क एधा से भीतर की ओर कटी कोशिकाएँ वल्कुट में जुड़ जाती हैं तथा द्वितीयक वल्कुट कोशिकाएँ अथवा फेलोडर्म कोशिकाएँ कहलाती हैं।

सहचर कोशिकाएँ किससे निकटता से संबद्ध होती हैं

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

सहचर कोशिकाएँ फ्लोएम ऊतक के विशिष्ट अवयव हैं जो आवृतबीजियों में चालनी नलिकाओं (चालनी अवयवों) से संबद्ध रहती हैं। चालनी नलिकाएँ तथा सहचर कोशिकाएँ परिवर्धनात्मक रूप से संबंधित हैं क्योंकि ये एक ही मातृ कोशिका से विकसित होती हैं। सहचर कोशिकाएँ तथा चालनी नलिकाएँ जीवद्रव्यतंतुओं द्वारा घनिष्ठ कोशिकाद्रव्यी संबंध बनाए रखती हैं।

बंद संवहन पूलों में नहीं होता

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

द्विबीजपत्री तनों में फ्लोएम तथा जाइलम के बीच एधा उपस्थित होती है। एधा की उपस्थिति के कारण ऐसे संवहन पूलों में द्वितीयक जाइलम तथा फ्लोएम ऊतक बनाने की क्षमता होती है और इसीलिए इन्हें खुले संवहन पूल कहते हैं। इसके विपरीत, एकबीजपत्रियों के संवहन पूलों में एधा नहीं होती। अतः ये द्वितीयक ऊतक नहीं बनाते तथा बंद कहलाते हैं।

संवहन पूलों में जलयुक्त गुहिकाएँ किसमें पाई जाती हैं

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

एकबीजपत्री तने जैसे Zea mays में संवहन पूलों की सबसे निचली आदिदारु वाहिकाएँ तथा जाइलम मृदूतक कोशिकाएँ घुलकर एक जलयुक्त भंजनलयनजात गुहिका बनाती हैं जिसे आदिदारु गुहिका अथवा लैकुना अथवा लयनजात गुहिका कहते हैं। मक्का के छोटे संवहन पूलों में आदिदारु गुहिका तथा आदिफ्लोएम अनुपस्थित हो सकते हैं।

भरण ऊतक में सम्मिलित है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

अधिचर्म तथा संवहन पूलों को छोड़कर सभी ऊतक भरण ऊतक अथवा आधारभूत ऊतक बनाते हैं। इसमें मृदूतक, स्थूलकोण ऊतक तथा दृढ़ोतक जैसे सरल ऊतक होते हैं। इसमें वल्कुट, परिरंभ, मज्जा रश्मियाँ सम्मिलित हैं। पत्तियों में भरण ऊतक पर्णमध्योतक से बना होता है।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Plant Anatomy Plant Tissues प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।