निम्नलिखित में से कौन अर्धसूत्री विभाजन का लक्षण नहीं है?
(a) : गुणसूत्र प्रतिकृतिकरण एक ही बार होता है किंतु अर्धसूत्री विभाजन में दो M-प्रावस्थाएँ होती हैं, प्रत्येक का अपना केंद्रक विभाजन तथा कोशिकाद्रव्य विभाजन होता है। परिणामस्वरूप गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है। M-प्रावस्था II (अर्धसूत्री II) के बीच का संक्रमण काल छोटा तथा DNA प्रतिकृतिकरण रहित होता है। इसे अंतरगतिक अवस्था (इंटरकाइनेसिस) कहते हैं।