वनस्पति विज्ञान (Botany) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

वनस्पति विज्ञान (Botany) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

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प्रकाश संश्लेषण की दर को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

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Explanation

C4-पादपों में CO2 का प्रारंभिक स्थिरीकरण पर्णमध्योतक कोशिकाओं में होता है। CO2 का प्राथमिक ग्राही फॉस्फोइनॉल पाइरुवेट (PEP) है। यह PEP कार्बोक्सिलेज एंजाइम की उपस्थिति में CO2 से संयोग करके प्रथम स्थायी उत्पाद, अर्थात्, ऑक्सैलोऐसीटिक अम्ल (OAA) बनाता है। C3 पादपों में PEP कार्बोक्सिलेज एंजाइम नहीं होता। इनमें RuBisCO एंजाइम होता है। यह एंजाइम कार्बोक्सिलेज (CO2 का स्थिरीकरण) तथा ऑक्सीजनेज (O2 का स्थिरीकरण) दोनों की भाँति कार्य कर सकता है। RuBisCO की बंधुता CO2 के प्रति O2 की तुलना में कहीं अधिक होती है तथा बंधन प्रतिस्पर्धी होता है। उच्च ताप पर CO2 के प्रति इसकी बंधुता घट जाती है तथा यह ऑक्सीजनेज की भाँति कार्य करता है।

अतः उच्च ताप पर C3-पादपों में प्रकाश संश्लेषण घटता है, जबकि C4-पादपों में बढ़ता है।

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वह प्रक्रिया जो C3 तथा C4 पादपों में प्रमुख अंतर उत्पन्न करती है, वह है

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Explanation

प्रकाश श्वसन वह प्रक्रिया है जो C3 तथा C4 पादपों में अंतर उत्पन्न करती है। इस प्रक्रिया में स्थिरीकृत कार्बन की CO2 के रूप में निरंतर हानि होती है। यह उच्च O2 मात्रा तथा उच्च ताप की दशाओं के कारण होती है, जिनमें RuBP कार्बोक्सिलेज, RuBP ऑक्सीजनेज की भाँति कार्य करने लगता है तथा सामान्य प्रकाश संश्लेषण नहीं होता।

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जलवाष्प पादप की पत्ती से रंध्री छिद्र द्वारा बाहर निकलती है। उसी रंध्री छिद्र से प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड पादप के भीतर विसरित होती है। निम्नलिखित विकल्पों की सहायता से उपर्युक्त कथनों का कारण बताइए। 

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जलवाष्प तथा CO2 का विसरण स्वतंत्र प्रक्रिया है। इनका विसरण वायुमंडल तथा पत्तियों के भीतर इनके आंशिक दाब के अंतर पर निर्भर करता है।

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एमर्सन का वर्धन प्रभाव तथा रेड ड्रॉप जिसकी खोज में सहायक रहे, वह है 

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एमर्सन ने Chlorella पर प्रकाश संश्लेषण का प्रयोग किया। उन्होंने 680 nm से अधिक का एकवर्णी प्रकाश दिया तथा प्रकाश संश्लेषण की दर में कमी देखी, जिसे रेड ड्रॉप कहते हैं।

बाद में उन्होंने 680 nm तथा 700 nm का समकालिक प्रकाश दिया तथा प्रकाश संश्लेषण की दर में वृद्धि देखी, जिसे वर्धन प्रभाव कहते हैं। इस प्रयोग से प्रकाश संश्लेषण में कार्यरत दो प्रकाशतंत्रों PS-I तथा PS-II की खोज हुई।

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हरितलवक में सर्वाधिक संख्या में प्रोटॉन कहाँ पाए जाते हैं

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जल के प्रकाश-अपघटन के कारण थाइलैकॉइड की गुहिका में प्रोटॉन सांद्रता अधिक होती है। H+ पंपिंग तथा NADP रिडक्टेज सक्रियता हरितलवक के स्ट्रोमा में होती है।

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प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन जल के अणुओं से आती है। इस अभिक्रिया में निम्नलिखित में से तत्वों का कौन-सा युग्म सम्मिलित होता है?

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प्रकाश संश्लेषण के दौरान जल का प्रकाश-अपघटन मैंगनीज, कैल्सियम तथा क्लोराइड आयनों की उपस्थिति में नवजात ऑक्सीजन मुक्त करता है।

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हरितलवकों में संगठित चपटी झिल्लीदार थैलियों के स्तंभन से बनने वाली संरचनाएँ हैं 

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हरितलवकों में चपटी थाइलैकॉइड चक्रिकाओं से बनी स्तंभित झिल्लीदार संरचनाएँ ग्रैना कहलाती हैं। ये ग्रैना अस्तंभित थाइलैकॉइड झिल्लियों द्वारा जुड़े रहते हैं, जिन्हें स्ट्रोमा लैमिली कहते हैं तथा जो हरितलवक के स्ट्रोमा क्षेत्र में उपस्थित होती हैं।

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अनॉक्सीजनी प्रकाश संश्लेषण किसका लक्षण है 

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अनॉक्सीजनी प्रकाश संश्लेषण (जिसमें O2 मुक्त नहीं होती) Rhodospirillum में देखा जाता है, जो एक बैंगनी असल्फर जीवाणु है। यह जीव को प्रकाश ऊर्जा ग्रहण करके उसे रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित करने में सहायता करता है।

इसके अतिरिक्त अनॉक्सीजनी प्रकाश संश्लेषण सामान्यतः बैंगनी असल्फर जीवाणुओं, हरे सल्फर/असल्फर जीवाणुओं, हीलियोबैक्टीरिया आदि में होता है।

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प्रकाश श्वसन के दौरान कोशिकांगों का सही अनुक्रम है 

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प्रकाश श्वसन के लिए हरितलवक, परॉक्सीसोम तथा माइटोकॉन्ड्रिया — इसी अनुक्रम में तीन कोशिकांग आवश्यक होते हैं।

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प्रथम CO2 स्थिरीकरण उत्पाद के रूप में PGA की खोज किसके प्रकाश संश्लेषण में हुई 

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मेल्विन कैल्विन द्वारा शैवाल (Chlorella) के प्रकाश संश्लेषण अध्ययनों में रेडियोसक्रिय 14C के उपयोग से यह ज्ञात हुआ कि प्रथम CO2 स्थिरीकरण उत्पाद एक 3-कार्बन कार्बनिक अम्ल था। पहचाना गया प्रथम उत्पाद 3-फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल (PGA) था।

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