वनस्पति विज्ञान (Botany) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

वनस्पति विज्ञान (Botany) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

वायवीय श्वसन पथ को उपयुक्त रूप से क्या कहा जाता है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

उभयचयी पथ वह जैवरासायनिक पथ है जो उपचयी तथा अपचयी दोनों प्रक्रियाओं में कार्य करता है। उभयचयी पथ का एक महत्वपूर्ण उदाहरण क्रेब्स चक्र है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट एवं वसा अम्ल का अपचय तथा ऐमीनो अम्ल संश्लेषण हेतु उपचयी पूर्ववर्तियों का संश्लेषण दोनों सम्मिलित हैं। जैसे, α-कीटोग्लूटारेट तथा ऑक्सैलोऐसीटेट।

● ● ● ● ●

ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण की रसोपरासरणी युग्मन परिकल्पना यह प्रस्तावित करती है कि ऐडिनोसीन ट्राइफॉस्फेट (ATP) इसलिए बनता है क्योंकि

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

अपचयित सहएंजाइमों के ऑक्सीकरण तथा अंतिम ऑक्सीकरण के दौरान मुक्त ऊर्जा की सहायता से ATP का उत्पादन ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण कहलाता है। पीटर मिचेल (1961) ने ATP संश्लेषण हेतु रसोपरासरणी परिकल्पना नामक एक परिकल्पना प्रस्तुत की। इसके अनुसार जब इलेक्ट्रॉन द्वैत प्रोटॉन-इलेक्ट्रॉन वाहक से किसी अ-हाइड्रोजन वाहक की ओर प्रवाहित होते हैं तो H+ मुक्त होकर अंतरझिल्ली अवकाश में निष्कासित हो जाते हैं और इस प्रकार एक प्रोटॉन प्रवणता बनती है जिसमें अंतरझिल्ली अवकाश में H+ की सांद्रता आधात्री की तुलना में अधिक होती है। प्रोटॉन प्रेरक बल के कारण प्रोटॉन वापस प्रवाहित होते हैं तथा इस वापसी प्रवाह के दौरान मुक्त ऊर्जा F1 शीर्ष में उपस्थित ATPase को सक्रिय करके ATP का संश्लेषण कराती है।

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन-सी स्तनधारी कोशिका ग्लूकोस का वायवीय रूप से कार्बन डाइऑक्साइड में उपापचय करने में असमर्थ है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(d) परिपक्व लाल रुधिर कोशिकाओं में कोशिकांग तथा केंद्रक अनुपस्थित होते हैं, अतः इनमें वायवीय श्वसन नहीं होता।

● ● ● ● ●

TCA चक्र के सभी एंजाइम माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में स्थित होते हैं, केवल एक को छोड़कर जो सुकेंद्रकियों में आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली में तथा प्रोकैरियोटों में कोशिकाद्रव्य में स्थित होता है। यह एंजाइम है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(d) सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज एंजाइम माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर उपस्थित होता है तथा सक्सिनेट के फ्यूमैरेट में ऑक्सीकरण का उत्प्रेरण करता है।

● ● ● ● ●

ग्लाइकोलिसिस, क्रेब्स चक्र तथा इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र का समग्र लक्ष्य किसका निर्माण है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) ग्लाइकोलिसिस, क्रेब्स चक्र तथा इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र भिन्न-भिन्न चरणों में ATP संश्लेषण के लिए होते हैं। ATP कोशिका की ऊर्जा मुद्रा है।

● ● ● ● ●

ग्लूकोस के एक अणु से अधिकतम कितने ATP अणु बन सकते हैं, यदि ग्लूकोस के एक मोल का CO2 तथा H2O में पूर्ण ऑक्सीकरण 686 kcal देता है तथा ATP के एक मोल के उच्च ऊर्जा फॉस्फेट बंध में उपलब्ध उपयोगी रासायनिक ऊर्जा 12 Kcal है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

ATP का एक मोल 12 kcal ऊर्जा मुक्त करता है। अतः 686 kcal से 686/12 = 57.1 ATP अणु बनेंगे।

● ● ● ● ●

TCA चक्र को वायवीय पथ माना जाता है क्योंकि

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c): TCA चक्र ईंधन अणु के ऐसीटिल CoA के माध्यम से ऑक्सीकरण हेतु चक्रीय जैवरासायनिक अपचयी पथ है, जिसमें ऐसीटिल CoA पूर्णतः ऑक्सीकृत होकर कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल बनाता है। क्रेब्स चक्र माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में चलता है क्योंकि उसमें घुलनशील एंजाइमों का जटिल मिश्रण होता है जो पाइरुविक अम्ल तथा अन्य छोटे अणुओं के श्वसन का उत्प्रेरण करता है। इस चक्र में 9 एंजाइमी चरण होते हैं, जिनमें से चार विहाइड्रोजनीकरण हैं

● ● ● ● ●

क्रेब्स चक्र में GTP किसमें बनता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(a) : क्रेब्स चक्र में GTP, सक्सिनिल CoA के सक्सिनिक अम्ल या सक्सिनेट में परिवर्तन के दौरान बनता है। इस अभिक्रिया के लिए आवश्यक एंजाइम सक्सिनिल थायोकाइनेज है। इस अभिक्रिया में होने वाला फॉस्फोरिलीकरण क्रियाधार स्तरीय फॉस्फोरिलीकरण है, जिसमें ATP संश्लेषण सीधे ऊर्जा मुक्ति से जुड़ा होता है।

● ● ● ● ●

श्वसन में 180g ग्लूकोस से निम्नलिखित में से क्या बनता है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) श्वसन में, 180gm ग्लूकोस से 264 gm CO2+ 108gm H2O + 686 Kcal ऊर्जा बनती है।

C6H12O6 + 6O2 →           6CO2 + 6H2O Kcal

C का परमाणु भार =12, H = 1, O=16

C6H12O6  = (12 ×6 + 12 × 1 + 16 × 6)                  = 180 gm    6CO2    = 6(12 + 16 × 2)                  = 264 gm    6H2O    =6(2 ×1 + 16)                  = 108 gm            ∴From 1 molecule or 180 gm of glucose, through respiration, 264 gm CO2, 108gm H2O and 686 Kcal energy are formed.

● ● ● ● ●

ग्लाइकोलिसिस लगभग सभी प्रकार की वायवीय/अवायवीय कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में पायी जाती है। इस प्रक्रिया में ग्लूकोस किसमें परिवर्तित होता है :

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(c) : ग्लाइकोलिसिस में हेक्सोस शर्करा (ग्लूकोस/फ्रक्टोस) का एक अणु, जो 6C-यौगिक है, विभाजित होकर
3C-यौगिक पाइरुविक अम्ल (CH3COCOOH) के दो अणु बनाता है।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Botany प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।