वनस्पति विज्ञान (Botany) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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फीनोटाइप निर्धारित करने वाले 'कारकों' की मेंडल की प्रारंभिक अवधारणा ने वंशागति की समझ की आधारशिला रखी। 'आनुवंशिक पदार्थ की खोज' के संदर्भ में, इस समझ के बाद कौन-सा प्रमुख वैज्ञानिक विकास हुआ?

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NCERT पाठ कहता है: 'मेंडल और उनके अनुयायियों के कार्य ने हमें वंशागति के प्रतिरूपों का विचार दिया। तथापि फीनोटाइप निर्धारित करने वाले उन ‘कारकों’ की प्रकृति बहुत स्पष्ट नहीं थी। चूँकि ये ‘कारक’ वंशागति के आनुवंशिक आधार का प्रतिनिधित्व करते हैं, आनुवंशिक पदार्थ की संरचना तथा जीनोटाइप और फीनोटाइप रूपांतरण के संरचनात्मक आधार को समझना अगली शताब्दी के लिए जीव विज्ञान में ध्यान का केंद्र बन गया।' यह प्रत्यक्ष रूप से विकल्प 2 का समर्थन करता है।

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मेंडल के कार्य के बाद आण्विक जीव विज्ञान के विकास में प्रमुख योगदान देने वालों के रूप में निम्नलिखित में से किन वैज्ञानिकों का दिए गए पाठ में स्पष्ट उल्लेख नहीं है?

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संदर्भ आण्विक जीव विज्ञान के प्रमुख योगदानकर्ताओं के रूप में 'वाटसन, क्रिक, निरेनबर्ग, खुराना, कोर्नबर्ग (पिता और पुत्र), बेंज़र, मोनोड, ब्रेनर' को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करता है। इस सूची में लुई पाश्चर का उल्लेख नहीं है।

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'आनुवंशिक पदार्थ की खोज' केंद्र बिंदु बनने से पहले, मेंडल के आधारभूत कार्य के बावजूद, आनुवंशिक वंशागति को समझने में प्राथमिक सीमा क्या थी?

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NCERT पाठ कहता है: 'तथापि फीनोटाइप निर्धारित करने वाले उन ‘कारकों’ की प्रकृति बहुत स्पष्ट नहीं थी।' यह इंगित करता है कि आनुवंशिक पदार्थ (कारकों) की रासायनिक या संरचनात्मक पहचान ही अनुपस्थित कड़ी थी।

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दिए गए पाठ में उल्लेख है कि मेंडल के कार्य के बाद 'आण्विक जीव विज्ञान का संपूर्ण निकाय एक परिणामी विकास था'। आधुनिक जीव विज्ञान के किन विशिष्ट क्षेत्रों को आण्विक आनुवंशिकी की जागरूकता से समृद्ध हुए बताया गया है?

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पाठ कहता है: 'आण्विक आनुवंशिकी, संरचनात्मक जीव विज्ञान और जैव-सूचना विज्ञान के क्षेत्रों में जागरूकता ने विकास के आण्विक आधार की हमारी समझ को समृद्ध किया है।' यह सीधे सही विकल्प की ओर संकेत करता है।

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निम्नलिखित में से कौन-सी घटना अर्धसूत्री विभाजन के ऐनाफेज़ II को अभिलक्षित करती है?

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NCERT पाठ के अनुसार, 'ऐनाफेज़ II के दौरान संतति अर्धगुणसूत्र पृथक हो जाते हैं।' यह ऐनाफेज़ II की एक प्रमुख विभेदक घटना है।

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अर्धसूत्री विभाजन II के अंत में सामान्यतः कितनी अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं?

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NCERT कहता है, 'इस प्रकार अर्धसूत्री विभाजन के अंत में चार अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं।' और यह भी, 'अर्धसूत्री विभाजन II के अंत में चार अगुणित कोशिकाएँ बनती हैं।'

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अर्धसूत्री विभाजन II को प्रायः किस अन्य कोशिका विभाजन प्रक्रिया के समान बताया जाता है?

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NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है, 'अर्धसूत्री विभाजन II समसूत्री विभाजन के समान है।'

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अर्धसूत्री विभाजन II की किस अवस्था में केंद्रक आवरण गुणसूत्रों के समूहों को पुनः घेर लेता है?

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NCERT कहता है, 'टीलोफेज़ II: अर्धसूत्री विभाजन टीलोफेज़ II के साथ समाप्त होता है, जिसमें गुणसूत्रों के दो समूह पुनः केंद्रक आवरण से घिर जाते हैं।'

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अर्धसूत्री विभाजन कर रही एक कोशिका में अर्धसूत्री विभाजन I के बाद गुणसूत्र संख्या $2n=4$ है। अर्धसूत्री विभाजन II के अंत में एक संतति कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या ($n$) और DNA की मात्रा ($C$) क्या होगी?

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अर्धसूत्री विभाजन I के बाद, प्रत्येक कोशिका अगुणित है परंतु द्विगुणित गुणसूत्रों के साथ, इसलिए यह $n=2$ है (क्योंकि जनक $2n=4$ था) और DNA मात्रा $2C$ है। अर्धसूत्री विभाजन II समीकरणी है, समसूत्री विभाजन के समान; संतति अर्धगुणसूत्र पृथक होते हैं, जिससे DNA मात्रा आधी हो जाती है परंतु अगुणित गुणसूत्र संख्या बनी रहती है। अतः प्रत्येक नवनिर्मित कोशिका के लिए, $n=2$ और $C=C$ (जहाँ $C$ S प्रावस्था से पहले एक अगुणित कोशिका की DNA मात्रा है)।

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निम्नलिखित में से कौन-सी अर्धसूत्री विभाजन II की घटना नहीं है?

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NCERT में उल्लेख है कि 'समजात गुणसूत्रों के असंतति अर्धगुणसूत्रों के बीच पुनर्संयोजन' अर्धसूत्री विभाजन I (विशेष रूप से प्रोफेज़ I) में होता है। अर्धसूत्री विभाजन II में जीन विनिमय नहीं होता।

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