संकुल सामान्यतः लगभग 600 nm पर अवशोषण करता है। इसे अमोनिया के साथ अभिक्रिया कराकर नया संकुल बनाया जाता है, जिसका अवशोषण होना चाहिए :
(b) चूँकि अधिक प्रबल लिगेंड है की तुलना में, अतः का CFSE मान > इसका CFSE अतः अवशोषण छोटी तरंगदैर्ध्य की ओर विस्थापित हो जाता है। साथ ही तथा की विपाटन क्षमता में अंतर बहुत अधिक नहीं है।