लिंडलार उत्प्रेरक का उपयोग करके ऐल्काइन का ऐल्कीन में अपचयन देता है:
लिंडलार उत्प्रेरक (Pb(OAc)2 तथा क्विनोलीन द्वारा विषाक्त किया गया Pd-CaCO3) का उपयोग ऐल्काइनों के सिस-ऐल्कीन में अर्ध-हाइड्रोजनीकरण हेतु किया जाता है। यह त्रिबंध पर हाइड्रोजन परमाणुओं को सिस रूप में जोड़ता है तथा चयनात्मक रूप से सिस-ऐल्कीन उत्पाद बनाता है।