जल में सोडियम कार्बोनेट का विलयन क्षारीय होता है क्योंकि
रसायन विज्ञान (Chemistry) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास
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द्रव अमोनिया में क्षार धातुओं के तनु विलयनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(C)
विलायकित इलेक्ट्रॉनों द्वारा दृश्य क्षेत्र में प्रकाश के अवशोषण के कारण विलयन गहरे नीले रंग के होते हैं।
अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण यह अनुचुंबकीय है।
कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
(A)
ऑक्साइडों की क्षारीय सामर्थ्य इस क्रम में बढ़ती है क्षारीय सामर्थ्य में यह वृद्धि
I.E. में कमी तथा विद्युत्-धनी गुण में वृद्धि के कारण है। हैलाइडों के गलनांक
इस क्रम में घटते हैं , जैसे-जैसे हैलाइड आयन का आकार
बढ़ता है। गलनांक में यह कमी फेजान नियम के अनुसार ऋणायन के आकार में वृद्धि के साथ
सहसंयोजी गुण बढ़ने के कारण है।
सॉल्वे (अथवा अमोनिया-सोडा) प्रक्रम द्वारा सोडियम कार्बोनेट के निर्माण में प्रयुक्त कच्चा माल है :
(C)
पोटैशियम सुपरऑक्साइड की निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रियाएँ अंतरिक्ष और पनडुब्बियों में प्रयुक्त श्वसन उपकरणों में ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति करती हैं?
(B)
(2)
(3)
निम्नलिखित में से कौन ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों के रूप में कार्य करता है?
(D)
(सोडियम नाइट्राइट) ऑक्सीकारक और अपचायक दोनों के रूप में कार्य करता है क्योंकि इसमें नाइट्रोजन परमाणु +3 मध्यवर्ती ऑक्सीकरण अवस्था में होता है।
ऑक्सीकारक गुण:
अपचायक गुण:
क्षारीय मृदा धातु नाइट्रेट गर्म करने पर वियोजित होकर देते हैं:
(C)
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही कथन चुनिए।
(C)
(1) समूह में नीचे जाने पर विलेयता बढ़ती है क्योंकि जालक ऊर्जा में परिवर्तन जलयोजन ऊर्जा की तुलना में अधिक होता है। धात्विक गुण बढ़ने के कारण तापीय स्थायित्व और क्षारीय गुण दोनों समूह में नीचे जाने पर बढ़ते हैं।
(2) यह एक सही कथन है।
(3) बेरिलियम और एल्युमिनियम का विकर्ण संबंध है। दोनों के क्लोराइड सहसंयोजक प्रकृति के होने के कारण कार्बनिक विलायकों में विलेय हैं। दोनों के क्लोराइड इलेक्ट्रॉन न्यून होने के कारण प्रबल लुईस अम्ल की तरह कार्य करते हैं।
अभिकथन : लिथियम आयन स्वयं तथा इसके यौगिक भी, समूह के अन्य सदस्यों की तुलना में अधिक जलयोजित होते हैं।
कारण : क्षार धातुओं में सबसे छोटा होता है और अन्य क्षार धातु आयनों की तुलना में जल के अणुओं का ध्रुवण अधिक सरलता से करता है।
अभिकथन और कारण दोनों सही कथन हैं तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
अभिकथन : बेरिलियम एल्युमिनियम से समानता रखता है।
कारण : आयन का आवेश/त्रिज्या अनुपात आयन के लगभग समान होता है।
(A) बेरिलियम और एल्युमिनियम में विकर्ण संबंध होता है।
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