रसायन विज्ञान (Chemistry) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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निम्नलिखित में से किस प्रक्रम में लोहे का ऑक्सीकरण नहीं होता?

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Explanation

  0  III

(a) Fe +H2O+O2→Fe2O3. x [H2O]
  (वायु से)
 
    0  II
(b) Fe+CuSO4FeSO4+Cu

      0  0
(c) Fe+5COFe(CO5)

  0  III
(d)
 Fe+H2O→Fe2O3+H2



∴ Fe से Fe(CO)5 के बनने में लोहे का ऑक्सीकरण नहीं होता क्योंकि ऑक्सीकरण अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होता।

गैडोलीनियम 4f श्रेणी का सदस्य है। इसका परमाणु क्रमांक 64 है। निम्नलिखित में से गैडोलीनियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कौन-सा है?

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(c) 64Gd = [Xe]4f75d16s2

पूर्ण आयनन मानते हुए, निम्नलिखित में से किस यौगिक के समान मोल पूर्ण ऑक्सीकरण के लिए अम्लीकृत KMnO4 की न्यूनतम मात्रा माँगेंगे?

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FeSO4 पूर्ण ऑक्सीकरण के लिए अम्लीकृत KMnO4 की न्यूनतम मात्रा माँगेगा।

लैंथेनॉइड संकुचन का कारण है

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(a) लैंथेनॉइड संकुचन लैंथेनाइडों की परमाणु तथा आयनिक त्रिज्याओं में नियमित कमी है। इसका कारण कक्षकों की विसरित आकृति के कारण उनका अपूर्ण परिरक्षण या दुर्बल परिरक्षण प्रभाव है, जो बढ़े हुए नाभिकीय आवेश के प्रभाव को संतुलित नहीं कर पाता। अतः शुद्ध परिणाम लैंथेनॉइडों के आकार में संकुचन है।

अभिक्रिया के अनुसार KMnO4 को K2MnO4 से बनाया जा सकता है

3MnO42- + 2H2O2MnO4- + MnO2 + 4OH-

OH- आयनों को हटाकर अभिक्रिया को पूर्ण किया जा सकता है, इसके लिए मिलाया जाता है

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चूँकि OH- दुर्बल अम्ल (H2O) से उत्पन्न होते हैं, इन्हें हटाने के लिए दुर्बल अम्ल (जैसे CO2) का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि प्रबल अम्ल (HCl) अभिक्रिया को उत्क्रमित कर देता है। KOH, OH- की सांद्रता बढ़ा देता है, अतः अभिक्रिया पुनः पश्च दिशा में विस्थापित हो जाती है। CO2, OH- से संयोग करके कार्बोनेट देता है जो सरलता से हट जाता है। SO2 जल से अभिक्रिया करके प्रबल अम्ल देता है, अतः इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता।

अंतराकाशी यौगिकों के विषय में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा गलत है ?

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(b) अंतराकाशी यौगिक तब बनते हैं जब H, B, C, N आदि जैसे छोटे परमाणु अन्य तत्वों की जालक में समा जाते हैं। ये धात्विक चालकता बनाए रखते हैं। ये रासायनिक गुणों (क्रियाशीलता) में जनक धातु के समान होते हैं परन्तु कठोरता, गलनांक आदि भौतिक गुणों में भिन्न होते हैं। परन्तु ये रासायनिक रूप से अक्रिय होते हैं

चार क्रमागत संक्रमण तत्वों (Cr, Mn, Fe तथा Co) के लिए +2 ऑक्सीकरण अवस्था का स्थायित्व निम्नलिखित में से किस क्रम में होगा? (परमाणु क्रमांक Cr=24;Mn=25&Fe=26,Co=27)

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इसे M2+/M के लिए E° मानों के आधार पर समझा जा सकता है।

E°/V  Cr  Mn    Fe  Co
M2+/M -0.90 -1.18 -0.44 -0.28

अर्ध-पूरित Mn2+ आयन के अतिरिक्त स्थायित्व के कारण Mn का E° मान सामान्य प्रवृत्ति की अपेक्षा अधिक ऋणात्मक है।

अतः सही क्रम होना चाहिए :-
Mn>Cr>Fe>Co

रेडॉक्स युग्म M3+/ M2+ के E° मानों की जाँच से पता चलता है कि Cr2+ प्रबल अपचायक
है (E° M3+/M2+=0.41V) तथा तनु अम्लों से H2 मुक्त करता है।

2Cr2+ (aq) + 2H+ (aq)→ 2Cr3+(aq) + H2↑(g)

अम्लीकृत K2Cr2O7 विलयन में Na2SO3 मिलाने पर वह हरा हो जाता है। इसका कारण किसका बनना है

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K2Cr2O7 + 3Na2SO3 + 4H2SO4 3Na2SO4 + K2SO4 + Cr2(SO4)3 + 4H2O

निम्नलिखित में से कौन-सा आयन जलीय विलयनों में रंग दर्शाएगा ?

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मुख्य विचार : रंग d-d (या f-f) संक्रमण के फलस्वरूप प्राप्त होता है, और d-d (या f-f) संक्रमण के लिए अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति आवश्यक शर्त है।

La3+(Z=57)=[Xe] 4f05d06s0 (कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं)

Ti3+(Z=22)=[Ar] 3d14s0 (एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)

Lu3+(Z=71)=[Xe]4f145d06s0 (कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं)

Sc3+(Z=21)=[Ar] 3d0 4s0 (कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं)

अतः केवल Ti3+ जलीय विलयन में रंग दर्शाएगा।

TiF2-6 , CoF3-6 , Cu2Clतथा NiCl2-4 (Ti का Z =22, Co = 27, Cu = 29, Ni = 28) में से रंगहीन स्पीशीज़ हैं 

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Frequently Asked Questions

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