रसायन विज्ञान (Chemistry) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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अभिकथन : एक संक्रमण धातु दूसरी संक्रमण धातु के साथ सरलता से मिश्रातु बनाती है।

कारण: संक्रमण धातुओं का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है, त्रिज्याएँ लगभग बराबर होती हैं तथा इनकी जालकों में संकुलन भी समान होता है।

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संक्रमण धातुओं का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है, त्रिज्याएँ लगभग बराबर होती हैं तथा इनकी जालकों में संकुलन समान होता है, अतः ये धातुएँ ठोस अवस्था में भी एक-दूसरे में सरलता से घुल जाती हैं, अर्थात् एक धातु को दूसरी द्वारा सरलता से प्रतिस्थापित किया जा सकता है। इसी कारण संक्रमण धातुएँ परस्पर सरलता से मिश्रातु बनाती हैं।

अभिकथन : निर्जल कॉपर(II) क्लोराइड सहसंयोजक है जबकि निर्जल कॉपर(II) फ्लुओराइड प्रकृति में आयनिक है।

कारण: संक्रमण धातुओं के हैलाइडों में हैलोजन का परमाणु द्रव्यमान बढ़ने पर आयनिक गुण घटता है।

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निर्जल कॉपर(II) क्लोराइड सहसंयोजक है जबकि निर्जल कॉपर(II) फ्लुओराइड आयनिक है, क्योंकि संक्रमण धातुओं के हैलाइडों में हैलोजन का परमाणु द्रव्यमान बढ़ने पर आयनिक गुण घटता है। फ्लुओरीन सर्वाधिक विद्युतऋणात्मक होने के कारण कॉपर के साथ आयनिक लवण बनाता है।

अभिकथन: संक्रमण धातुएँ उच्च परमाणवीकरण एन्थैल्पी दर्शाती हैं।

कारण : संक्रमण धातुओं के परमाणु प्रबल धात्विक बंधों द्वारा परस्पर बँधे रहते हैं।

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संक्रमण धातुएँ उच्च परमाणवीकरण एन्थैल्पी दर्शाती हैं क्योंकि संक्रमण धातुओं के परमाणु प्रबल धात्विक बंधों द्वारा परस्पर बँधे रहते हैं।

अभिकथन : संक्रमण तत्व अंतराकाशी यौगिक बनाते हैं।

कारण: इस्पात तथा ढलवाँ लोहा कार्बन के साथ अंतराकाशी यौगिक बनने के कारण कठोर होते हैं।

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संक्रमण तत्व अंतराकाशी यौगिक बनाते हैं जिनमें H, C तथा N जैसे हल्के तत्वों के छोटे परमाणु उनकी जालकों के रिक्त स्थानों में समा जाते हैं।

Fe2(CO)9 प्रतिचुंबकीय है। निम्नलिखित में से कौन-सा कारण सही है?

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धातु-धातु (Fe-Fe) बंध की उपस्थिति के कारण Fe2(CO)9 प्रतिचुंबकीय है। इस यौगिक में प्रत्येक लोहे का परमाणु 9 इलेक्ट्रॉन देता है तथा शेष 2 इलेक्ट्रॉन धातु-धातु बंध बनाते हैं, जिससे दोनों लोहे के परमाणुओं के बीच कुल 18 इलेक्ट्रॉन साझा होते हैं और यह प्रतिचुंबकीय बन जाता है।

नीचे दिए गए स्थायित्व स्थिरांक (काल्पनिक  मान) से अनुमान लगाइए कि प्रबलतम लिगेंड कौन-सा है?

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(b) लिगेंड का स्थायित्व स्थिरांक जितना अधिक होगा, उसका वियोजन उतना ही कम तथा स्थायित्व उतना ही अधिक होगा

कौन EAN नियम का पालन नहीं करता?

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(a) [Cu(NH3)4]2+ में Cu का EAN 35 है, न कि 36, जो अगली अक्रिय गैस का परमाणु क्रमांक है।

K3[Cr(C2O4)3] में Cr की उपसहसंयोजन संख्या तथा ऑक्सीकरण अवस्था क्रमशः हैं

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(c) Cr की उपसहसंयोजन संख्या 6 है (ऑक्सैलेट द्विदंतुक लिगेंड है) तथा Cr की ऑक्सीकरण अवस्था इसमें

K3[Cr(C2O4)3]

3(1)+x+3(-2)=0

3+x+(-6)=0

x=6-3

x=+3

निम्नलिखित में से कौन-सा अष्टफलकीय संकुल ज्यामितीय समावयवता नहीं दर्शाएगा? (A तथा B एकदंतुक लिगेंड हैं)

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(b) [MA5B] में B की सममिति के अभाव के कारण यह सिस-ट्रांस समावयवी के रूप में विद्यमान नहीं रह सकता।

IUPAC नामपद्धति के अनुसार सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड का नाम है

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(b) सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड Na2[Fe(CN)5NO] का IUPAC नाम सोडियम पेन्टासायनोनाइट्रोसिल फेरेट(III) है, क्योंकि इसमें NO उदासीन लिगेंड है तथा Fe की ऑक्सीकरण संख्या +3 है, जिसकी गणना इस प्रकार है

Na2[Fe(CN)5NO]

2x(+1)+X+5x(-1)+1x0=0

2+X-5=0

X-3=0

X=+3

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Frequently Asked Questions

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