अभिकथन : एक संक्रमण धातु दूसरी संक्रमण धातु के साथ सरलता से मिश्रातु बनाती है।
कारण: संक्रमण धातुओं का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है, त्रिज्याएँ लगभग बराबर होती हैं तथा इनकी जालकों में संकुलन भी समान होता है।
संक्रमण धातुओं का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है, त्रिज्याएँ लगभग बराबर होती हैं तथा इनकी जालकों में संकुलन समान होता है, अतः ये धातुएँ ठोस अवस्था में भी एक-दूसरे में सरलता से घुल जाती हैं, अर्थात् एक धातु को दूसरी द्वारा सरलता से प्रतिस्थापित किया जा सकता है। इसी कारण संक्रमण धातुएँ परस्पर सरलता से मिश्रातु बनाती हैं।