अष्टफलकीय संकुल में विन्यास वाले धातु परमाणु/आयन की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था क्या है, यदि < युग्मन ऊर्जा हो ?
रसायन विज्ञान (Chemistry) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास
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निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
(c) ; ;चतुष्फलकीय संकुल।
निम्नलिखित कथनों के लिए आद्याक्षर T या F का सही क्रम दीजिए। कथन सत्य होने पर T तथा असत्य होने पर F का प्रयोग कीजिए
(I) Co(III) दुर्बल लिगेंडों की उपस्थिति में स्थायी होता है, जबकि Co(II) प्रबल क्षेत्र लिगेंड की उपस्थिति में स्थायी होता है।
(II) Pd(II) तथा Pt(II) के चार-उपसहसंयोजित संकुल प्रतिचुंबकीय तथा वर्ग समतलीय होते हैं।
(III) आयन तथा क्रमशः प्रतिचुंबकीय चतुष्फलकीय तथा वर्ग समतलीय हैं।
(IV) आयन आंतरिक कक्षक अष्टफलकीय संकुल नहीं बनाता।
सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए :
सूची-I सूची-II
(I) (A) 1.73 BM
(II) (B) 5.93 BM
(III) (C) 0.00 BM
(IV) (D) 2.83 BM
(V) (E) 3.88 BM
(I) (II) (III) (IV) (V) (I) (II) (III) (IV) (V)
सही मिलान है: (I) [FeF₆]³⻠- (B) 5.93 BM (उच्च चक्रण dâµ विन्यास), (II) [Ti(Hâ‚‚O)₆]³⻠- (A) 1.73 BM (d¹ विन्यास), (III) [Cr(NH₃)₆]³⺠- (E) 3.88 BM (d³ विन्यास), (IV) [Ni(Hâ‚‚O)₆]²⺠- (D) 2.83 BM (d⸠विन्यास), (V) [Fe(CN)₆]â´â» - (C) 0.00 BM (प्रतिचुंबकीय, निम्न चक्रण dâ¶ विन्यास)।
के निर्माण के दौरान केंद्रीय धातु द्वारा प्रयुक्त d-कक्षकों का समुच्चय है?
MnO4- आयन में केंद्रीय धातु परमाणु मैंगनीज़ (Mn) की ऑक्सीकरण अवस्था +7 है। ऑफबाऊ सिद्धांत के अनुसार पाँच 3d कक्षक (dxy, dyz, dxz, dx2-y2, dz2) क्रमशः भरे जाते हैं। +7 ऑक्सीकरण अवस्था में Mn का विन्यास d0 है, अर्थात् सभी 3d कक्षक रिक्त हैं। अतः MnO4- के निर्माण के दौरान केंद्रीय धातु द्वारा प्रयुक्त d-कक्षकों का समुच्चय dxy, dyz तथा dxz है।
NO का बहुत अच्छा अवशोषक है; इस प्रक्रम में बने नए यौगिक में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या पाई जाती है:
(c)
अतः अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 3
संकुल सामान्यतः लगभग 600 nm पर अवशोषण करता है। इसे अमोनिया के साथ अभिक्रिया कराकर नया संकुल बनाया जाता है, जिसका अवशोषण होना चाहिए :
(b) चूँकि अधिक प्रबल लिगेंड है की तुलना में, अतः का CFSE मान > इसका CFSE अतः अवशोषण छोटी तरंगदैर्ध्य की ओर विस्थापित हो जाता है। साथ ही तथा की विपाटन क्षमता में अंतर बहुत अधिक नहीं है।
संकुल के लिए CFSE 18000 है। का मान के लिए होगा:
(c)
निम्नलिखित में से अष्टफलकीय संकुलों के किस विन्यास का अस्तित्व उच्च चक्रण तथा निम्न चक्रण दोनों रूपों में नहीं हो सकता:
(I) (II) (III) (IV)
(c) जिन अष्टफलकीय संकुलों में धातु धनायन का विन्यास तथा होता है, उन्हें उच्च तथा निम्न चक्रण संकुलों के रूप में परिभाषित नहीं किया जा सकता।
संकुल पर विचार कीजिए, जिसमें धातु की उपसहसंयोजन संख्या, ऑक्सीकरण संख्या तथा d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्रमशः हैं।
(a) द्विदंतुक लिगेंड की तरह कार्य कर रहा है; उपसहसंयोजन संख्या है .
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