रासायनिक आरेखों में अनुनाद को सामान्यतः कैसे निरूपित किया जाता है?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है, 'अनुनाद को द्विशीर्षी तीर द्वारा निरूपित किया जाता है।'
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रासायनिक आरेखों में अनुनाद को सामान्यतः कैसे निरूपित किया जाता है?
NCERT पाठ स्पष्ट रूप से कहता है, 'अनुनाद को द्विशीर्षी तीर द्वारा निरूपित किया जाता है।'
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ओज़ोन ($O_3$) अणु में O-O बंधों का सही वर्णन करता है?
ओज़ोन ($O_3$) के लिए NCERT कहता है, 'O3 अणु में प्रायोगिक रूप से निर्धारित ऑक्सीजन-ऑक्सीजन बंध लंबाइयाँ समान (128 pm) हैं। अतः O3 अणु में ऑक्सीजन-ऑक्सीजन बंध द्विबंध और एकल बंध के मध्यवर्ती हैं।'
अनुनाद संकर की ऊर्जा और उसकी विहित संरचनाओं के बीच क्या संबंध है?
NCERT कहता है, 'अनुनाद अणु को स्थायित्व देता है क्योंकि अनुनाद संकर की ऊर्जा किसी भी एकल विहित संरचना की ऊर्जा से कम होती है'।
VSEPR सिद्धांत के अनुसार, जब दो या अधिक अनुनाद संरचनाएँ किसी अणु को निरूपित करती हैं, तो बहुबंध को कैसे माना जाता है?
VSEPR सिद्धांत की अभिधारणा है: 'बहुबंध को इस प्रकार माना जाता है मानो वह एकल इलेक्ट्रॉन युग्म हो और बहुबंध के दो या तीन इलेक्ट्रॉन युग्मों को एकल अति-युग्म माना जाता है।' यह भी उल्लेख है कि 'जहाँ दो या अधिक अनुनाद संरचनाएँ किसी अणु को निरूपित कर सकती हैं, VSEPR मॉडल ऐसी किसी भी संरचना पर लागू होता है।'
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुनाद में विहित रूपों का लक्षण है?
NCERT स्पष्ट रूप से कहता है, 'अनुनाद संरचनाओं में (i) नाभिकों की समान स्थितियाँ और (ii) अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या होती है।'
'अनुनाद स्थायीकरण ऊर्जा' या 'अनुनाद ऊर्जा' क्या है?
NCERT इसे इस प्रकार परिभाषित करता है: 'अणु की वास्तविक संरचना (अनुनाद संकर) की ऊर्जा किसी भी विहित संरचना से कम होती है। वास्तविक संरचना और न्यूनतम ऊर्जा वाली अनुनाद संरचना के बीच ऊर्जा के अंतर को अनुनाद स्थायीकरण ऊर्जा या केवल अनुनाद ऊर्जा कहते हैं।'
अनुनाद संरचनाओं में अधिक स्थायित्व में कौन-सा कारक योगदान देता है?
NCERT कहता है, 'अनुनाद संरचनाओं में, वह संरचना जिसमें सहसंयोजक बंधों की संख्या अधिक हो, सभी परमाणुओं पर इलेक्ट्रॉनों का अष्टक हो (हाइड्रोजन को छोड़कर जिसका द्विक होता है), विपरीत आवेशों का पृथक्करण कम हो, (ऋणावेश यदि हो तो अधिक विद्युत-ऋणात्मक परमाणु पर, धनावेश यदि हो तो अधिक विद्युत-धनात्मक परमाणु पर) और आवेश का अधिक प्रकीर्णन हो, वह अन्य से अधिक स्थायी होती है।'
अनुनाद अणु के बंध अभिलक्षणों के साथ क्या करता है?
NCERT कहता है, 'अनुनाद समग्र रूप से बंध अभिलक्षणों का औसत कर देता है।'
अनुनाद के संदर्भ में, जब यह कहा जाता है कि 'विहित रूपों का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं है', तो इसका क्या निहितार्थ है?
'विहित रूपों का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं है' कथन के बाद 'अणु समय के कुछ अंश के लिए एक विहित रूप में और समय के अन्य अंशों के लिए अन्य विहित रूपों में नहीं रहता' का निहितार्थ है कि विहित रूप वास्तविक संरचनाएँ नहीं हैं जिन्हें अणु अपनाता है, बल्कि सैद्धांतिक निरूपण हैं जो सामूहिक रूप से सच्ची संरचना (अनुनाद संकर) का वर्णन करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा ऐलिलिक ऐल्कोहॉल का वर्णन करता है?
NCERT पाठ के अनुसार, 'ऐलिलिक ऐल्कोहॉल: इन ऐल्कोहॉलों में —OH समूह कार्बन-कार्बन द्विबंध से संलग्न $sp^3$ संकरित कार्बन, अर्थात् ऐलिलिक कार्बन, से जुड़ा होता है।'
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