जंतु विज्ञान (Zoology) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

जंतु विज्ञान (Zoology) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

रुधिर वाहिकाओं की आंतरिक भित्ति बनाने वाली उपकला का प्रकार है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

सरल शल्की उपकला में चपटी, शल्क जैसी, प्रायः बहुभुजी कोशिकाओं की केवल एक ही परत होती है, जो मोजैक की टाइलों की भाँति एक-दूसरे से सटी हुई होती हैं। इसे फर्शी उपकला भी कहते हैं। यह रुधिर वाहिकाओं, लसीका वाहिकाओं, हृदय, पेरिटोनियम, प्लूरा, बोमन संपुट आदि का आस्तर बनाती है।

● ● ● ● ●

श्वसनिकाओं तथा अंडवाहिनियों की आंतरिक सतह पर उपस्थित उपकला ऊतक है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला श्वसन मार्ग (श्वसनियों का निचला सिरा), अंडवाहिनियों, मस्तिष्क के निलयों (एपेंडाइमा), मेरुरज्जु की केंद्रीय नाल आदि का आस्तर बनाती है।

घनाकार उपकला वृक्कों के वृक्काणुओं के कुछ भागों में पाई जाती है।

ग्रंथिल उपकला स्रावी क्रियाओं हेतु विशिष्टीकृत होती है, जैसे एककोशिकीय, बहुकोशिकीय, बहिःस्रावी, अंतःस्रावी, मिश्रस्रावी ग्रंथियाँ आदि।

शल्की उपकला रुधिर वाहिकाओं, लसीका वाहिका, हृदय, पेरिटोनियम, प्लूरा, बोमन संपुट आदि का आस्तर बनाती है।

● ● ● ● ●

दृढ़, आसंजी तथा गैप संधि कहलाने वाली कोशिका संधियाँ किसमें पाई जाती हैं

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

उपकला ऊतक में स्थान-स्थान पर संलग्न कोशिकाएँ अंतराकोशिकीय संचार तथा रासायनिक विनिमय हेतु आयन-समृद्ध गैप अथवा कोशिका संधियाँ बनाती हैं। ये संधियाँ संभवतः भौतिक सहारा प्रदान नहीं करतीं।

● ● ● ● ●

केंचुओं में कंकाल नहीं होता, परंतु बिल बनाते समय अग्र सिरा स्फीत हो जाता है तथा द्रवचालित कंकाल की भाँति कार्य करता है। ऐसा किसके कारण होता है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

केंचुए की देहगुहा (प्रगुहा) क्षारीय, रंगहीन अथवा दूधिया प्रगुहीय द्रव से भरी होती है, जिसमें जल, लवण, कुछ प्रोटीन तथा चार प्रकार की प्रगुहीय कणिकाएँ — भक्षकाणु, म्यूकोसाइट, वर्तुल केंद्रकयुक्त कोशिकाएँ एवं क्लोरैगोजन कोशिकाएँ — होती हैं। बिल बनाते समय प्रगुहीय द्रव स्फीत हो जाता है तथा द्रवचालित कंकाल की भाँति कार्य करता है।

केंचुआ (Pheretima posthuma) नम मिट्टी में बने बिलों में रहता है। यह अपना बिल आंशिक रूप से अपने नुकीले अग्र सिरे से छेदकर तथा आंशिक रूप से मिट्टी को चूसकर एवं निगलकर बनाता है। शरीर में देहखंडीय खंडीभवन दिखाई देता है। प्रत्येक खंड के लगभग बीच में छोटे मुड़े हुए शूकों का एक वलय होता है, जिन्हें सीटी अथवा कीटी कहते हैं; ये काइटिन नामक शृंगी नाइट्रोजनी कार्बनिक पदार्थ से बने होते हैं। शूक तथा पेशीतंत्र संचलन में तथा शरीर को बिल में दृढ़ता से टिकाए रखने में सहायक होते हैं।

केंचुए का रुधिर तरल प्लाज्मा तथा रंगहीन कणिकाओं से बना होता है, जो शरीरक्रियात्मक दृष्टि से कशेरुकियों की श्वेताणुओं के तुल्य हैं।

 

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन-सा संबंधित जंतु के विषय में सही विवरण है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

तिलचट्टे के श्वसन तंत्र में श्वासनलिकाएँ, श्वासनलिकाएँ (ट्रैकिओल) तथा श्वास रंध्र होते हैं। मुख्य श्वासनली स्तंभ शरीर की सतह पर खंडवार व्यवस्थित श्वास रंध्रों के 10 जोड़ों द्वारा बाहर खुलते हैं। श्वास रंध्रों के दो जोड़े वक्षीय होते हैं (एक अग्रवक्ष एवं मध्यवक्ष के बीच तथा दूसरा मध्यवक्ष एवं पश्चवक्ष के बीच)। श्वास रंध्रों के आठ जोड़े उदरीय होते हैं (प्रथम आठ उदरीय खंडों में से प्रत्येक में एक जोड़ा)।

केंचुए की आहारनाल पूर्ण होती है तथा कार्यात्मक रूप से मुखगुहा, ग्रसनी, ग्रसिका, पेषणी, आमाशय एवं आंत्र में विभाजित होती है।

मेंढक के शरीर के दो मुख्य भाग होते हैं, अर्थात् सिर तथा धड़। गर्दन तथा पूँछ का अभाव फुदकने एवं तैरने दोनों में सुविधा प्रदान करता है।

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म उसके सामने उल्लिखित अंगों की श्रेणी से सही ढंग से संबंधित है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

Nereis, केंचुआ, जोंक आदि एनेलिडों में वृक्कक कहलाने वाली नलिकाकार कुंडलित संरचनाएँ उत्सर्जी अंग हैं। संघ आर्थ्रोपोडा में कीट, कनखजूरे, गोजर तथा अष्टपादी अपने प्रमुख उत्सर्जी अंग के रूप में मैल्पीघी नलिकाएँ रखते हैं।

समवृत्ति अंगों का रूप लगभग समान होता है तथा वे एक ही कार्य करते हैं, परंतु पूर्णतः भिन्न समूहों में विकसित होते हैं और उनका परिवर्धनीय उद्भव भिन्न होता है, जैसे तितली, पक्षियों एवं चमगादड़ों के पंख।

समजात अंगों का उद्भव समान होता है, वे भिन्न-भिन्न कार्य करते हैं तथा उनका रूप भिन्न होता है, जैसे Bougainvillea के काँटे तथा Cucurbita के प्रतान।

अवशेषी अंग निरर्थक अवशेष हैं, जो पूर्वजों में संभवतः बड़े एवं क्रियाशील रहे होंगे, जैसे निमेषक पटल, कृमिरूप परिशेषिका आदि। 

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से किस प्रतिदर्श में आपको कोशिका संधियाँ प्रायः मिलने की संभावना है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

विशिष्ट कोशिका संधियाँ सभी ऊतकों में कोशिका-कोशिका तथा कोशिका-आधात्री संपर्क के अनेक बिंदुओं पर पाई जाती हैं, परंतु उपकला में ये विशेष रूप से महत्वपूर्ण एवं प्रचुर होती हैं।

● ● ● ● ●

केंचुए होते हैं :

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

वर्ग Oligochaeta  में स्थलीय केंचुए तथा कुछ अन्य जातियाँ सम्मिलित हैं, जो अलवण जल में रहती हैं। जलीय ऑलिगोकीट अमोनिया का उत्सर्जन करते हैं, जबकि स्थलीय ऑलिगोकीट यूरिया का; परंतु Lumbricus अमोनिया तथा यूरिया दोनों उत्पन्न करता है।

● ● ● ● ●

संलग्न कोशिकाएँ किसके द्वारा आपस में जुड़ी होती हैं 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

डेस्मोसोम अंतराकोशिकीय कोशिका संधियाँ हैं, जो जंतु ऊतकों में संलग्न कोशिकाओं के बीच प्रायः संकरे अंतराल होते हैं। इन क्षेत्रों में कोशिका झिल्ली के वृत्ताकार धब्बे उन प्रोटीनों की अंतःक्रिया द्वारा एक साथ बँधे रहते हैं, जो प्रत्येक झिल्ली से होकर कोशिकाओं के बीच के स्थान तक फैले होते हैं। कोशिका झिल्ली की आंतरिक ओर प्रोटीन की एक सघन पट्टिका होती है तथा उस पर टोनोफाइब्रिल कहलाने वाले महीन तंतु होते हैं, जो कोशिका के भीतर विकिरित होते हैं। डेस्मोसोम "स्पॉट वेल्ड" की भाँति कार्य करते हैं तथा कोशिकाओं को दृढ़ता से एक साथ बनाए रखते हैं। ये उपकला कोशिकाओं के बीच पाए जाते हैं। 

● ● ● ● ●

टैडपोल में उत्सर्जन होता है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

टैडपोल अमोनिया का उत्सर्जन करता है, परंतु वयस्क मेंढक यूरिया उत्सर्जन की ओर बदल जाता है। उभयचर त्वचा के द्वारा आयनों का सक्रिय परिवहन भीतर की ओर करते हैं। टैडपोल के यकृत में सामान्यतः यूरिया चक्र के एन्जाइमों का स्तर उच्च नहीं होता तथा कायांतरण होने तक यह स्तर नहीं बढ़ता।

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Zoology प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।