रुधिर वाहिकाओं की आंतरिक भित्ति बनाने वाली उपकला का प्रकार है
सरल शल्की उपकला में चपटी, शल्क जैसी, प्रायः बहुभुजी कोशिकाओं की केवल एक ही परत होती है, जो मोजैक की टाइलों की भाँति एक-दूसरे से सटी हुई होती हैं। इसे फर्शी उपकला भी कहते हैं। यह रुधिर वाहिकाओं, लसीका वाहिकाओं, हृदय, पेरिटोनियम, प्लूरा, बोमन संपुट आदि का आस्तर बनाती है।