यदि किसी कारण से जठर उपकला की भित्तीय कोशिकाएँ आंशिक रूप से अक्रियाशील हो जाएँ, तो क्या होने की संभावना है?
आमाशय की श्लेष्मिका में उपस्थित भित्तीय या ऑक्सिन्टिक कोशिकाएँ HCl तथा आंतरिक कारक (विटामिन B12 के अवशोषण के लिए आवश्यक कारक) स्रावित करती हैं। यदि ये कोशिकाएँ आंशिक रूप से अक्रियाशील हो जाएँ, तो HCl पर्याप्त मात्रा में स्रावित नहीं होगा, इस प्रकार पेप्सिनोजन का पेप्सिन में रूपांतरण नहीं हो पाएगा, जो प्रोटीनों को प्रोटियोज तथा पेप्टोन में बदलता है। (पृष्ठ-262).