विलुप्त मानव पूर्वज, जो केवल फल खाता था और पत्थर के हथियारों से शिकार करता था, था
(b)
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विलुप्त मानव पूर्वज, जो केवल फल खाता था और पत्थर के हथियारों से शिकार करता था, था
(b)
निम्नलिखित में से कौन पक्षियों का सरीसृप पूर्वज है?
(c) : जुरासिक कल्प की चट्टानों में पाए गए पहले जीवाश्म पक्षी वंश Archaeopteryx और Archaeornis के थे। इन्हें पक्षियों का सरीसृप पूर्वज माना जाता है। यह लगभग कौए के आकार का था और इसमें पंख तथा डैने थे किंतु आधुनिक पक्षियों के विपरीत एक लंबी सरीसृपीय पूँछ और दाँतयुक्त चोंच थी। एक जलीय गोताखोर पक्षी Hesperornis और एक शक्तिशाली उड़ने वाले पक्षी Ichthyornis के जीवाश्म क्रिटेशियस से पाए गए हैं।
प्रलेखित सूक्ष्म जीवाश्म कितने पुराने पाए गए हैं
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नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा विदारक (डिसरप्टिव) चयन के उदाहरण का सबसे संभावित प्रतिनिधित्व करता है।
I. पेपर्ड मॉथ में औद्योगिक मेलानिज़्म।
II. तितलियों की समष्टि जो या तो सभी पीली या सभी नीली हैं।
III. खरगोशों की समष्टि जो ठंडी जलवायु के प्रत्युत्तर में अधिक शारीरिक वसा विकसित करती है।
IV. रेन पक्षियों की समष्टि जो परभक्षण दबाव के प्रत्युत्तर में लैंगिक परिपक्वता पर छोटी होने के लिए विकसित होती है।
V. शाकाहारिता द्वारा समष्टि से बहुत ऊँचे और बहुत छोटे चीड़ के वृक्षों का हटाया जाना।
(a) विदारक चयन समष्टि के छोटे और बड़े आकार (दो भिन्न लक्षण) दोनों के व्यक्तियों को अनुकूल बनाता है। यह माध्य अभिव्यक्ति वाले सदस्यों को हटा देता है, इस प्रकार लक्षण वितरण में दो शिखर उत्पन्न करता है। इससे दो भिन्न समष्टियों का विकास हो सकता है।
प्राकृतिक चयन का सर्वोत्तम वर्णन है
(c) प्राकृतिक चयन पर्यावरण के प्रति सर्वोत्तम अनुकूलित समष्टि के सदस्यों की जननिक सफलता से प्रदर्शित होता है। जो जीव उपयोगी विभिन्नताएँ अपनाते हैं, वे बदलते पर्यावरण में सफलतापूर्वक जीवित रहते हैं और प्रजनन करते हैं।
सहस्थानिक (सिम्पैट्रिक) जाति-उद्भवन में जननिक पृथक्करण किसके बिना विकसित होता है
सहस्थानिक जाति-उद्भवन जननिक पृथक्करण द्वारा या भौगोलिक पृथक्करण के बिना एक ही समष्टि के भीतर जातियों का निर्माण है, जैसे बहुगुणित।
निम्नलिखित में से किस समुच्चय में समजात अंग नहीं हैं?
रिचर्ड ओवेन ने 'समजात' शब्द प्रस्तुत किया। जिन अंगों की मूलभूत संरचना समान हो किंतु कार्य भिन्न हों, उन्हें समजात अंग कहते हैं, जैसे मच्छर और तितली के पंख। किंतु तितली के पंख पक्षी के पंखों के समवृत्ति हैं। समवृत्ति अंग वे हैं जो समान कार्य करते हैं किंतु उनकी मूल संरचनाएँ भिन्न होती हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी जीवाश्मों के काल-निर्धारण की अपेक्षाकृत सबसे सटीक विधि है?
इलेक्ट्रॉन स्पिन अनुनाद विधि जीवाश्मों के काल-निर्धारण की अपेक्षाकृत सबसे सटीक विधि है। इलेक्ट्रॉन स्पिन अनुनाद काल-निर्धारण अपेक्षाकृत नई, अधिक परिशुद्ध और सबसे सटीक विधि है।
रेडियोधर्मी कार्बन विधि में C-14 का उपयोग होता है। इसकी अर्ध-आयु 5730 वर्ष है।
यूरेनियम-लेड विधि में यूरेनियम () का उपयोग होता है। की अर्ध-आयु वर्ष है। इसका अर्थ है कि का आधा भाग में परिवर्तित हो जाएगा।
किसी विशेष विस्थल (लोकस) पर 'A' युग्मविकल्पी की आवृत्ति 0.6 और 'a' की 0.4 है। साम्य में यादृच्छिक संगम करने वाली समष्टि में विषमयुग्मजियों की आवृत्ति क्या होगी?
हार्डी-वाइनबर्ग समीकरण के अनुसार,
P2 + 2PQ + Q2 = 1
जहाँ P = प्रभावी युग्मविकल्पी आवृत्ति
Q = अप्रभावी युग्मविकल्पी आवृत्ति
P2 = समयुग्मजी प्रभावी जीनप्ररूप
2PQ = विषमयुग्मजी जीनप्ररूप
Q2 = समयुग्मजी अप्रभावी जीनप्ररूप
यहाँ p = 0.6 और Q= 0.4
अतः, 2PQ = 2 0.6 0.4 = 0.48
सहस्थानिक जातियों का जाति-उद्भवन किसके कारण होता है
(b) सहस्थानिक जातियों का जाति-उद्भवन भौगोलिक पृथक्करण के बिना एक ही समष्टि के भीतर जातियों का निर्माण है। इस प्रकार उप-समष्टि अपनी जनक समष्टि के बीच में ही जननिक रूप से पृथक हो जाती है।
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