मोलस्क मुख्यतः होते हैं:
NCERT पाठ उल्लेख करता है, 'मोलस्क स्थलीय या जलीय (समुद्री या अलवण जल) होते हैं जिनमें अंग-तंत्र स्तर का संगठन होता है।'
जंतु विज्ञान (Zoology) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
मोलस्क मुख्यतः होते हैं:
NCERT पाठ उल्लेख करता है, 'मोलस्क स्थलीय या जलीय (समुद्री या अलवण जल) होते हैं जिनमें अंग-तंत्र स्तर का संगठन होता है।'
संघ मोलस्का के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
जहाँ आर्थ्रोपोड में काइटिनयुक्त बाह्यकंकाल होता है, NCERT पाठ कहता है कि मोलस्क का शरीर 'कैल्शियमयुक्त कवच से ढका' होता है। सामान्य सारांश में यह भी उल्लेख है 'मोलस्क का कोमल शरीर बाह्य कैल्शियमयुक्त कवच से घिरा होता है। शरीर काइटिन से बने बाह्य कंकाल से ढका होता है।' परंतु सारांश का यह अंतिम वाक्य पाठ में आगे दिए गए मोलस्का के विस्तृत विवरण के विपरीत है और आर्थ्रोपोड का अधिक लक्षणात्मक है। मोलस्का के विस्तृत विवरण के आधार पर, आवरण कैल्शियमयुक्त कवच है, काइटिनयुक्त बाह्यकंकाल नहीं। काइटिनयुक्त बाह्यकंकाल का स्पष्ट उल्लेख आर्थ्रोपोडा के लिए है।
ऑक्टोपस, जिसे डेविल फिश भी कहते हैं, किस संघ से संबंधित है?
NCERT पाठ 'ऑक्टोपस (डेविल फिश)' को संघ मोलस्का के अंतर्गत उदाहरण के रूप में सूचीबद्ध करता है।
मोलस्क में स्पष्ट सिर क्षेत्र किससे युक्त होता है?
NCERT पाठ मोलस्क के लिए कहता है, 'अग्र सिर क्षेत्र में संवेदी स्पर्शक होते हैं।'
निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज के कार्य का वर्णन करता है?
प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज न्यूक्लिएज के एंडोन्यूक्लिएज नामक वर्ग से संबंधित हैं, जो DNA के भीतर विशिष्ट स्थितियों पर कटाव करते हैं। एक्सोन्यूक्लिएज सिरों से न्यूक्लियोटाइड हटाते हैं, और लाइगेज DNA खंडों को जोड़ते हैं।
प्रतिबंधन एंजाइम EcoRI के नामकरण की परंपरा दर्शाती है:
इन एंजाइमों के नामकरण की परंपरा यह है कि नाम का पहला अक्षर वंश से और अगले दो अक्षर उस प्रोकैरियोटिक कोशिका की जाति से आते हैं जिससे उन्हें पृथक किया गया है, जैसे, EcoRI Escherichia coli RY 13 से आता है। EcoRI में अक्षर ‘R’ प्रभेद (स्ट्रेन) के नाम से व्युत्पन्न है।
प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज के पहचान अनुक्रम का प्राथमिक लक्षण क्या है?
प्रत्येक प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज DNA में एक विशिष्ट पैलिंड्रोमिक न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम को पहचानता है। पैलिंड्रोमिक अनुक्रम दोनों रज्जुकों पर एक जैसा पढ़ा जाता है जब पढ़ने का अभिविन्यास समान रखा जाए।
कौन-सा एंजाइम पहला प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज था जिसका कार्य विशिष्ट DNA न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम पर निर्भर करता था?
पहला प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज– Hind II, जिसका कार्य विशिष्ट DNA न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम पर निर्भर करता था, बैक्टीरियोफेज की वृद्धि को प्रतिबंधित करने वाले एंजाइमों की प्रारंभिक खोज के पाँच वर्ष बाद पृथक और अभिलक्षित किया गया। यह छह क्षारक युग्मों के विशिष्ट अनुक्रम को पहचानकर सदैव DNA अणुओं को एक विशेष बिंदु पर काटता था।
प्रतिबंधन एंजाइमों द्वारा उत्पन्न 'चिपचिपे सिरों' (स्टिकी एंड्स) का क्या महत्व है?
प्रतिबंधन एंजाइम DNA के रज्जुक को पैलिंड्रोम स्थलों के केंद्र से थोड़ा दूर, परंतु विपरीत रज्जुकों पर एक ही दो क्षारकों के बीच काटते हैं। इससे सिरों पर एकल-रज्जुकीय भाग रह जाते हैं, जिन्हें चिपचिपे सिरे कहते हैं। इन्हें यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि ये अपने पूरक कटे प्रतिरूपों के साथ हाइड्रोजन बंध बनाते हैं। सिरों का यह चिपचिपापन एंजाइम DNA लाइगेज की क्रिया को सुगम बनाता है।
पुनर्योगज DNA बनाते समय स्रोत DNA और वाहक DNA को एक ही प्रतिबंधन एंजाइम से काटना क्यों आवश्यक है?
एक ही प्रतिबंधन एंजाइम से काटे जाने पर परिणामी DNA खंडों में एक ही प्रकार के ‘चिपचिपे सिरे’ होते हैं और इन्हें DNA लाइगेज का उपयोग करके (सिरे-से-सिरे) जोड़ा जा सकता है। आपने समझ लिया होगा कि सामान्यतः, जब तक वाहक और स्रोत DNA को एक ही प्रतिबंधन एंजाइम से न काटा जाए, पुनर्योगज वाहक अणु नहीं बनाया जा सकता।
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर Zoology प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।