10 m लंबाई की लोहे की एक छड़ को 00C से 1000C तक गर्म किया जाता है। यदि लोहे का रैखिक ऊष्मीय प्रसार गुणांक ${ 10 \times 10 ^ {-8} \over C } $ है तो छड़ की लंबाई में वृद्धि है
लंबाई में वृद्धि $ \triangle L = Lo \alpha \triangle \theta $
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10 m लंबाई की लोहे की एक छड़ को 00C से 1000C तक गर्म किया जाता है। यदि लोहे का रैखिक ऊष्मीय प्रसार गुणांक ${ 10 \times 10 ^ {-8} \over C } $ है तो छड़ की लंबाई में वृद्धि है
लंबाई में वृद्धि $ \triangle L = Lo \alpha \triangle \theta $
$0 ^\circ C$ पर 10 g बर्फ को $50 ^\circ C $ पर 100 g जल के साथ मिलाया जाता है। मिश्रण का परिणामी ताप क्या है।
$ \theta_{mix} = { mw \theta w - { miLi \over cw } \over mi + mw } $
$ -20 ^\circ C $ पर 2 kg बर्फ को $ 20 ^\circ C $ पर 5 kg जल के साथ नगण्य ऊष्मा धारिता वाले रोधी पात्र में मिलाया जाता है। पात्र में शेष बचे जल का अंतिम द्रव्यमान परिकलित कीजिए। दिया है कि जल तथा बर्फ की विशिष्ट ऊष्माएँ $ 1 keal/kg per ^\circ C $ तथा $ 0.5 Keal/kg 1 ^\circ C$ हैं जबकि बर्फ की गलन गुप्त ऊष्मा 80 kcoil/kg है।
प्रारंभ में बर्फ अपना ताप $0 ^\circ C $ तक बढ़ाने के लिए ऊष्मा अवशोषित करेगी, फिर उसका गलन होता है। यदि mi = बर्फ का प्रारंभिक द्रव्यमान, mi-1 = गलने वाली बर्फ का द्रव्यमान तथा mw = जल का प्रारंभिक द्रव्यमान। मिश्रण के नियम से, बर्फ द्वारा प्राप्त ऊष्मा = जल द्वारा खोई गई ऊष्मा $ \Rightarrow mi \times c \times (20) + mi + L = mwC_w (20) $ $ \Rightarrow 2 \times 0.5 (20) + mi \times 80 = 5 \times 1 \times 20 \Rightarrow mi^{-7} = 1 kg $ अतः जल का अंतिम द्रव्यमान = जल का प्रारंभिक द्रव्यमान + गलने वाली बर्फ का द्रव्यमान = 5 + 1 = 6 kg
$ 27 ^\circ C$ पर सीसे की एक गोली किसी अवरोध द्वारा रोके जाने पर ठीक पिघल जाती है। यह मानते हुए कि 25% ऊष्मा अवरोध द्वारा अवशोषित होती है, टकराने के समय गोली का वेग।
यदि गोली का द्रव्यमान m ग्राम है तो गोली को ठीक पिघलाने के लिए आवश्यक कुल ऊष्मा। $ \theta_1 = mc \triangle \theta + mL $ अब जब गोली अवरोध द्वारा रोकी जाती है तो उसकी यांत्रिक ऊर्जा में हानि = $ {1 \over 2 } cm \times 10 ^ {-3} v^2 9 $ $ (As mg = m \times 10 ^ {-3} kg ) $ चूँकि इस ऊर्जा का 25% अवशोषित होता है $ \theta_2 = { 75 \over 100 } \times {1 \over 2} mv^2 \times 10^{-3} = {3 \over 8} mv^2 \times 10 ^ {-3} J $ अब गोली पिघलेगी यदि $ \theta_2 \geq \theta_1 $
अभिकथन एवं कारण अभिकथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चिह्नित कीजिए। अभिकथन : $0 ^\circ C$ बर्फ तथा $0 ^\circ C$ जल के अणुओं की स्थितिज ऊर्जा समान होगी। कारण : स्थितिज ऊर्जा केवल निकाय के ताप पर निर्भर करती है।
जल के अणुओं की स्थितिज ऊर्जा अधिक होती है। $ 0 ^\circ C$ पर बर्फ को गलाने के लिए दी गई ऊष्मा $ 0 ^\circ C $ पर बने जल के अणुओं की स्थितिज ऊर्जा बढ़ाने में व्यय होती है
अभिकथन एवं कारण अभिकथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चिह्नित कीजिए। अभिकथन : एक बीकर $4 ^\circ C$ पर जल से पूर्णतः भरा है। गर्म करने अथवा ठंडा करने दोनों स्थितियों में वह छलकेगा। कारण : $ 4 ^\circ C$ के नीचे तथा ऊपर दोनों ओर जल का प्रसार होता है।
जल का घनत्व $ 4 ^\circ C$ पर अधिकतम होता है। $ 4 ^\circ C $ से ऊपर गर्म करने अथवा $ 40 ^\circ C $ से नीचे ठंडा करने पर जल का घनत्व घटता है तथा उसका आयतन बढ़ता है। अतः दोनों स्थितियों में जल छलकता है।
द्रव्यमान $ M_1 and M_2 $ वाले कणों के दो-कण निकाय पर विचार कीजिए । यदि पहले कण को द्रव्यमान केंद्र की ओर दूरी d तक धकेला जाए, तो दूसरे कण को कितनी दूरी तक हटाया जाना चाहिए जिससे द्रव्यमान केंद्र उसी स्थिति पर बना रहे?
$m_1 x_1 = m_2 x_2 $ $ and m_1 ( x_1 - d ) = m_2 ( x_2 - d ) $ $ \therefore m_1 d = m_2 d ' $ $ \therefore d' = { m_1 d \over m_2 } $
त्रिज्या R की एक एकसमान वृत्ताकार चकती में से त्रिज्या R/6 की एक वृत्ताकार चकती, जिसका केंद्र चकती के केंद्र से + R/2 की दूरी पर है, हटा दी जाती है। चकती के शेष भाग का द्रव्यमान केंद्र ज्ञात कीजिए।
माना चकती का प्रति एकांक क्षेत्रफल द्रव्यमान = m चकती का द्रव्यमान = M = $ \pi R^2 .m $ हटाई गई चकती का द्रव्यमान =M ' = $ \pi \left( { R \over 6 } \right) ^2 .m= { \pi R^2 m \over 36} $ चित्र से 00' = R/2 $ M \times 0 = M' \times { R \over 2} + ( M - M' ) x $ $ M' x = M' { R \over 2 } + Mx $ $ x = \left( { M' \over M - M' } . { R \over 2 } \right) $
तीन बिंदु द्रव्यमान M1, M2 तथा M3 भुजा 'a' के समबाहु त्रिभुज के शीर्षों पर स्थित हैं। M1 से गुजरने वाले त्रिभुज के शीर्षलंब के अनुदिश अक्ष के परितः निकाय का जड़त्व आघूर्ण क्या है ?
AD के परितः जड़त्व आघूर्ण = ? $ I = m_1 (Perpendicular distance of m_1 from AD)^2 + m_2 (Perpendicular distance of m_2 from AD)^2 + m_3 (Perpendicular distance of m_3 from AD)^2 $ $ = 0 + m_2 \times \left( { 9 \over 2} \right) ^2 + m_3 \times \left( { 9 \over 2} \right) ^2 $ $ = ( m_2 + m_3 ) { a^2 \over 4 } $
एकसमान तार से बने दो वृत्ताकार लूप A & B की त्रिज्याएँ क्रमशः $r_a and r_b $ हैं। उनके केंद्रों से गुजरने वाले तथा उनके तलों के लंबवत अक्षों के परितः उनके जड़त्व आघूर्णों का अनुपात $ { I_B \over I_A} = 8 $ है, तो $ {rb \over ra } $ बराबर है .......
$ I_A = m_a r_a^2 , I_B = m_b r_b^2 $ $ \therefore { I_B \over I_A} = { m_b \over m_a } \times \left( { r_b \over r_a } \right) ^2 $ माना K तार की एकांक लंबाई का द्रव्यमान है तो $ m_a = ( 2 \pi r_a ) k and m_b = ( 2 \pi r_b ) K $ $ \therefore { m_b \over m_a } = { r_b \over r_a} $ $ \therefore { I_B \over I_A } = 8 = \left( { m_b \over m_a } \right) \left( { r_b \over r_a } \right) ^2 = \left( {r_b \over r_a } \right) ^3 $ $ \therefore { r_b \over r_a } = 2 $
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