NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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बोरेक्स, कोलमेनाइट को निम्नलिखित से उपचारित करके बनाया जाता है:

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Explanation

बोरेक्स (Na2B4O7·10H2O), खनिज कोलमेनाइट (Ca2B6O11·5H2O) को सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) के गर्म विलयन से उपचारित करके बनाया जाता है। कैल्शियम आयन कैल्शियम कार्बोनेट के रूप में अवक्षेपित हो जाते हैं, जबकि सोडियम टेट्राबोरेट विलयन में रह जाता है।

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बोरॉन हैलाइडों के लिए लुईस अम्लीय क्रम सही है:

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बैक बॉन्डिंग के कारण BF3 पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ जाता है, इसलिए अम्लीय गुण घट जाता है। I के बड़े आकार के कारण बैक बॉन्डिंग की मात्रा घट जाती है।

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BF3 में B-F बंधों की दुर्बल अम्लीय प्रकृति के लिए मुख्य उत्तरदायी कारक है:

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BF3 प्रबल pπ-pπ बैक बॉन्डिंग दर्शाता है।

- यह द्वि-बंध लक्षण BF3 में इलेक्ट्रॉन न्यूनता को स्पष्ट करता है।

- अतः BF3 इलेक्ट्रॉन दान करने की कम संभावना रखता है और दुर्बल लुईस अम्ल के रूप में कार्य करता है।

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निम्नलिखित में से कौन एक गैस है?

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BF3 एक गैस है क्योंकि फ्लोरीन से बोरॉन की ओर इलेक्ट्रॉन का बैक-दान होता है, इसलिए आणविक संगुणन (association) नहीं होता। हैलोजन का आकार बढ़ने के साथ बैक-दान गुण घटता है और आणविक संगुणन बढ़ता है, इसलिए BCl3 का व्यवहार भिन्न होता है।

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BF3 में B-F बंध क्रम है:

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एल्युमिनियम, नाइट्रोजन के साथ अभिक्रिया करके बनाता है:

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एल्युमिनियम, नाइट्रोजन के साथ अभिक्रिया करके एल्युमिनियम नाइट्राइड (AlN) बनाता है। यह अभिक्रिया 800-1200°C ताप पर होती है। एल्युमिनियम की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता, नाइट्रोजन की तुलना में अधिक होती है, इसलिए ऑक्सीजन तथा नाइट्रोजन दोनों की उपस्थिति में यह AlN के स्थान पर Al2O3 बनाना अधिक पसंद करता है।

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किस धातु को चूर्णित करके तेल में निलंबित कर पेंट के रूप में उपयोग किया जाता है?

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यहाँ एल्युमिनियम के परावर्तक गुण का उपयोग किया जाता है। तेल में निलंबित चूर्णित एल्युमिनियम का उपयोग पेंट के रूप में किया जाता है। कम लागत तथा सुगम उपलब्धता इसे इस कार्य के लिए उपयोगी बनाती है।

इस यौगिक को डायस्पोर भी कहा जाता है जिसका सूत्र Al2O3·H2O है।

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समुद्र के निकट तटीय क्षेत्रों में एल्युमिनियम धातु संक्षारित हो जाती है, क्योंकि संरक्षी ऑक्साइड परत:

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3.

जल में लवण (अथवा किसी भी वैद्युत-अपघट्य) की उपस्थिति अभिक्रिया को तीव्र कर देती है क्योंकि यह जल की चालकता बढ़ा देती है, जिससे जल में आयनों की सांद्रता प्रभावी रूप से बढ़ जाती है और इस प्रकार धातु के ऑक्सीकरण (संक्षारण) की दर बढ़ जाती है।

इस प्रकार समुद्र के निकट के स्थानों में एल्युमिनियम धातु संक्षारित हो जाती है।

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काँच पर वाष्प के रूप में जमा किया गया एल्युमिनियम एक अच्छा दर्पण बनाता है, मूलतः क्योंकि:

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काँच पर वाष्प के रूप में जमा एल्युमिनियम अच्छे दर्पण बनाता है क्योंकि यह वायु में धूमिल नहीं होता। यदि यह धूमिल हो जाए तो दर्पण उतना अच्छा नहीं रहेगा। अतः वायु में धूमिल न होने के गुण के कारण बनने वाले दर्पण अच्छे दर्पण होते हैं।

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सांद्र HNO3 को निम्नलिखित के पात्र में संग्रहित किया जा सकता है:

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(i) सांद्र HNO3 को एल्युमिनियम के पात्र में ले जाया जा सकता है क्योंकि Al तथा नाइट्रिक अम्ल के बीच अभिक्रिया से एल्युमिनियम की सतह पर ऑक्साइड की एक पतली परत बन जाती है जो इसे निष्क्रिय बना देती है।

नाइट्रिक अम्ल, एल्युमिनियम के साथ अभिक्रिया करके एक संरक्षी परत अर्थात् Al2O3 बनाता है। यह संरक्षी परत एल्युमिनियम को HNO3 के प्रति अक्रियाशील बना देती है, इसलिए इसे एल्युमिनियम के पात्रों में संग्रहित किया जा सकता है।

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