किसी पदार्थ के समावयवियों (isomers) का समान होना आवश्यक है
(d) दो या अधिक यौगिक जिनका आण्विक सूत्र समान हो परंतु भौतिक, रासायनिक गुण तथा संरचनात्मक सूत्र भिन्न हों, समावयवी (isomers) कहलाते हैं।
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किसी पदार्थ के समावयवियों (isomers) का समान होना आवश्यक है
(d) दो या अधिक यौगिक जिनका आण्विक सूत्र समान हो परंतु भौतिक, रासायनिक गुण तथा संरचनात्मक सूत्र भिन्न हों, समावयवी (isomers) कहलाते हैं।
ब्यूट-2-ईन में सिस-ट्रांस समावयवता निम्न के कारण होती है
ब्यूटीन-2 में >C=C< की उपस्थिति के कारण, यह प्रतिबंधित घूर्णन दर्शाता है। अतः >C=C< के चारों ओर स्थान में दो प्रकार की व्यवस्थाएँ सिस तथा ट्रांस रूपों के रूप में प्राप्त होती हैं।
इस अणु के कितने त्रिविम समावयवी (stereoisomers) हैं?
CH3CH=CHCH2CHBrCH3
समतल ध्रुवित प्रकाश के घूर्णन को किसके द्वारा मापा जा सकता है:
पोलैरीमीटर एक उपकरण है जिसका उपयोग किसी प्रकाशिक सक्रिय पदार्थ द्वारा समतल ध्रुवित प्रकाश के घूर्णन को मापने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग सामान्यतः विलयन में प्रकाशिक सक्रिय यौगिकों की सांद्रता निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सिस-ट्रांस समावयवता दर्शा सकता है?
(c) ज्यामितीय समावयवता (geometrical isomerism) की मुख्य शर्तें हैं
(i) अणु में एक द्वि-बंध होना चाहिए और द्वि-बंध प्रतिबंधित घूर्णन देता है
(ii) समान कार्बन परमाणु से जुड़े दोनों परमाणु या समूह भिन्न होने चाहिए।
ये दोनों शर्तें केवल Cl-CH=CH-Cl द्वारा पूरी होती हैं, इसलिए यह ज्यामितीय समावयवता दर्शाता है।
ज्यामितीय समावयवी किसमें भिन्न होते हैं
(c) ज्यामितीय समावयवी :- वे समावयवी जिनका आण्विक सूत्र समान होता है परंतु द्वि-बंध के चारों ओर बाधित घूर्णन के कारण अंतरिक्ष में परमाणुओं या समूहों की स्थिति भिन्न होती है, ज्यामितीय समावयवी कहलाते हैं।
फिशर प्रक्षेप (Fisher projection) दर्शाता है:
निम्नलिखित यौगिकों में से कौन काइरल (chiral) नहीं है?
(a) काइरल कार्बन वह कार्बन है जिसकी चारों संयोजकताएँ चार भिन्न समूहों द्वारा पूर्ण होती हैं।
असममित (काइरल) C-परमाणु की अनुपस्थिति के कारण D-CH2-CH2-CH2Cl अणु एक काइरल अणु नहीं है।
रेसीमिक मिश्रण को पृथक करने की सबसे महत्वपूर्ण रासायनिक विधि निम्नलिखित के निर्माण का उपयोग करती है
(c) डायास्टीरियोमरों के भौतिक गुण, जैसे गलनांक, क्वथनांक, किसी दिए गए विलायक में विलेयता, घनत्व, अपवर्तनांक आदि, भिन्न होते हैं। क्वथनांक तथा विलेयता में अंतर के कारण, इन्हें भिन्नात्मक क्रिस्टलीकरण द्वारा पृथक किया जा सकता है।
कौन सा युग्म श्रृंखला समावयवी (chain isomers) को निरूपित करता है?
श्रृंखला समावयवी वे यौगिक होते हैं जिनमें मुख्य श्रृंखला में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या भिन्न होती है।
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