एक सेल Cu में प्रारंभ में तथा आयन हैं। 4825 sec तक 10 amp धारा प्रवाहित करने के बाद सेल विभव में परिवर्तन है :
मोलों की संख्या
NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
एक सेल Cu में प्रारंभ में तथा आयन हैं। 4825 sec तक 10 amp धारा प्रवाहित करने के बाद सेल विभव में परिवर्तन है :
मोलों की संख्या
अभिकथन : फ्लुओराइडों से रासायनिक ऑक्सीकरण द्वारा फ्लुओरीन नहीं बनाई जा सकती।
कारण : अपने अत्यधिक धनात्मक मानक विभव के कारण फ्लुओरीन प्रबलतम ऑक्सीकारक है।
A). अपने अत्यधिक धनात्मक मानक विभव के कारण फ्लुओरीन प्रबलतम ऑक्सीकारक है। अतः फ्लुओरीन में अपचयित होकर बनने की सर्वाधिक प्रवृत्ति है , फलस्वरूप, आयन में ऑक्सीकृत होने की न्यूनतम प्रवृत्ति है। इसीलिए फ्लुओराइडों से रासायनिक ऑक्सीकरण द्वारा फ्लुओरीन नहीं बनाई जा सकती।
अभिकथन : : सोडियम कमरे के ताप पर जल से अभिक्रिया करता है, जबकि मैग्नीशियम केवल गर्म जल का अपघटन करता है।
कारण : सोडियम, मैग्नीशियम की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है।
(A). सोडियम कमरे के ताप पर जल से अभिक्रिया करता है, जबकि मैग्नीशियम केवल गर्म जल का अपघटन करता है, क्योंकि सोडियम मैग्नीशियम की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है।
अभिकथन : सिल्वर नाइट्रेट विलयन में कॉपर की छड़ रखने पर वह नीला हो जाता है।
कारण : कॉपर, सिल्वर की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है।
(A). सिल्वर नाइट्रेट विलयन में कॉपर की छड़ रखने पर वह नीला हो जाता है क्योंकि कॉपर सिल्वर की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है अतः कॉपर सिल्वर नाइट्रेट विलयन से सिल्वर को विस्थापित कर देता है। विलयन में कॉपर का आयनों के रूप में घुलना उसे नीला बना देता है।
किसी अभिक्रिया के लिए [(c0-c)/c] का समय t के सापेक्ष आलेख एक सरल रेखा देता है। c0 तथा c क्रमशः t = 0 तथा t = t पर अभिकारक की सांद्रताएँ हैं। अभिक्रिया की कोटि है :
(d) द्वितीय कोटि की अभिक्रिया के लिए (c0-c)/c = K.t.c0.
250C पर वनस्पति घी के हाइड्रोजनीकरण से 50 मिनट में H2 का दाब 2 atom से घटकर 1.2 atom हो जाता है। मोलरता प्रति सेकंड के रूप में अभिक्रिया की दर है :
(b) मोलरता में परिवर्तन=n/V = P/RT = 0.8/(0.0821*298) = 0.0327
अभिक्रिया की दर = प्रति सेकंड मोलरता में परिवर्तन = 0.0327/(50*60)=1.09*10-5 mil litre-1 sec-1
एक काल्पनिक अभिक्रिया, A2 +B2 2AB की क्रियाविधि नीचे दी गई है;
A2 A+ A ............(तीव्र)
A+B2 → AB + B ............(मंद)
A+ B → AB ............(तीव्र)
संपूर्ण अभिक्रिया की कोटि है:
(c) r = k[A][B2]
तथा Kc = [A][A]/[A2] or [A] = k1/2c [A2]1/2
अतः, r = k . k1/2c [A2]1/2[B2] = k'[A2]1/2[B2]
किसी अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित क्रियाविधि प्रस्तावित की गई है,
2A+B D+E
A+B C+D ...(मंद)
A+ C E ...(तीव्र)
अभिक्रिया के लिए दर-नियम व्यंजक है:
(b) दर-व्यंजक, क्रियाविधि के मंदतम चरण से व्युत्पन्न किया जाता है।
ऊपरी वायुमंडल को समझने के लिए महत्वपूर्ण गैसीय अभिक्रियाओं में H2O तथा O द्विअणुक रूप से अभिक्रिया करके दो OH मूलक बनाते हैं। H इस अभिक्रिया के लिए 500 K पर 72kJ है तथा Ea 77 kJ mol-1 है, तो दो OH मूलकों के द्विअणुक पुनर्संयोजन द्वारा H2O तथा O बनने के लिए Ea है:
(c) H2O + O 2OH; H = 500K पर 72KJ;
दिया है Ea = 77KJmol-1
2OH H2O + O ; Ea.B.R
77=72+Ea.B.R
Ea.B.R = 5 KJmol-1
अभिक्रिया A उत्पाद के लिए, दर-नियम है . समय t के बाद शेष A की सांद्रता, जब है, होगी:
(a) प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए:
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।