हाइड्रोजन हैलाइडों के क्वथनांक का क्रम HF > HI > HBr > HCl है। हाइड्रोजन फ्लुओराइड के उच्च क्वथनांक की व्याख्या क्या है?
चूँकि HF अणुओं के बीच प्रबल हाइड्रोजन बंधन होता है, अतः HF का क्वथनांक सर्वाधिक है।
HF > HI > HBr > HI
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हाइड्रोजन हैलाइडों के क्वथनांक का क्रम HF > HI > HBr > HCl है। हाइड्रोजन फ्लुओराइड के उच्च क्वथनांक की व्याख्या क्या है?
चूँकि HF अणुओं के बीच प्रबल हाइड्रोजन बंधन होता है, अतः HF का क्वथनांक सर्वाधिक है।
HF > HI > HBr > HI
H3PO2 के प्रबल अपचायक व्यवहार का कारण है
H3PO2 (फॉस्फिनिक अम्ल) के प्रबल अपचायक व्यवहार का कारण एक -OH समूह तथा दो P-H बंधों की उपस्थिति है। P-H बंध आसानी से ध्रुवित हो जाते हैं, जिससे हाइड्रोजन परमाणु अधिक अम्लीय हो जाते हैं और इलेक्ट्रॉनों का मुक्त होना सुगम हो जाता है।
जलीय विलयनों में द्विप्रोटॉनी अम्लों की अम्लता किस क्रम में बढ़ती है:-
(a) केंद्रीय परमाणु का आकार बढ़ने पर हाइड्राइडों की अम्लीय प्रबलता बढ़ती है, क्योंकि इससे M-H बंध दुर्बल हो जाता है। चूँकि S से Te तक आकार बढ़ता है, अतः अम्लीय प्रबलता का क्रम है
H2S<H2Se<H2Te
सल्फाइडों के भर्जन से उपोत्पाद के रूप में गैस X प्राप्त होती है। यह जली हुई सल्फर की दम घोंटने वाली गंध वाली रंगहीन गैस है और अम्लीय वर्षा के परिणामस्वरूप श्वसन अंगों को भारी क्षति पहुँचाती है। इसका जलीय विलयन अम्लीय है, यह अपचायक का कार्य करती है और इसका अम्ल कभी पृथक नहीं किया जा सका है। गैस X है
(b) जब किसी सल्फाइड अयस्क का भर्जन किया जाता है तो SO2 गैस प्राप्त होती है।
2M2S + 3O2 2M2O + 2SO2
यह गैस प्रश्न में दिए गए सभी अभिलक्षण प्रदर्शित करती है।
जब Cl2 गैस गर्म तथा सांद्र सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन से अभिक्रिया करती है, तो क्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या बदलती है
जब Clâ‚‚ गैस गर्म तथा सांद्र NaOH विलयन से अभिक्रिया करती है, तो क्लोरीन का विषमानुपातन होता है। इसकी ऑक्सीकरण अवस्थाएँ 0 से -1 (NaOCl में) तथा 0 से +5 (NaClO₃ में) में बदल जाती हैं। इस विषमानुपातन अभिक्रिया का उपयोग विरंजक चूर्ण के निर्माण में किया जाता है।
फॉस्फोरस के ऑक्सो-अम्लों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मान्य नहीं है?
सल्फर ट्राइऑक्साइड निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया द्वारा प्राप्त किया जा सकता है
(a) CaSO4 + CCaO + SO2 + CO
(b) Fe2(SO4)3 Fe2O3 + 3SO3
(c) S + 2H2SO4 3SO2 + 2H2O
(d) H2SO4 + PCl5 SO3HCl + POCl3 + HCl
क्लोरो सल्फोनिक अम्ल
अतः SO3, Fe2(SO4)3 को गर्म करके प्राप्त होता है
निम्नलिखित में से कौन प्रबलतम ऑक्सीकारक है ?
मुख्य विचार: जिस तत्व की अपचयित होने अथवा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अधिक होती है, वह प्रबल ऑक्सीकारक होता है। फ्लुओरीन सर्वाधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है क्योंकि वर्ग में नीचे जाने पर विद्युत ऋणात्मकता घटती है। अतः यह सरलता से F- आयन में अपचयित हो जाता है और प्रबलतम ऑक्सीकारक है।
हाइड्रोजन तथा आयोडीन मोनोक्लोराइड की अभिक्रिया इस प्रकार दी गई है :
H2(g)+ 2ICl(g) 2HCl(g)+ I2(g)
यह अभिक्रिया H2(g) तथा 2ICl(g) के सापेक्ष प्रथम कोटि की है; निम्नलिखित क्रियाविधियाँ प्रस्तावित की गईं:
क्रियाविधि A:
H2(g)+ 2ICl(g) 2HCl(g)+ I2(g)
क्रियाविधि B :
H2(g)+ ICl(g) HCl(g)+ HI(g) ; धीमी
HI(g)+ ICl(g) HClCg) + I2(g); तेज
उपरोक्त में से कौन-सी क्रियाविधि(याँ) अभिक्रिया के बारे में दी गई जानकारी के अनुरूप हो सकती है/हैं ?
अभिक्रिया की दर सदैव धीमी अभिक्रिया पर निर्भर करती है।
H2(g)+ 2ICl(g) 2HCl(g)+ I2(g) अभिक्रिया H2 तथा I2 के सापेक्ष प्रथम कोटि की है और इसे क्रियाविधि A तथा B दोनों की सहायता से मापा जा सकता है।
किस तत्व के लिए एक स्थायी स्पीशीज़ होगी :
(c) स्थायी स्पीशीज़।
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