अभिकथन : निम्नलिखित गैसीय आयनों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या:
क्रमशः 4, 3, 2 तथा 1 है
कारण : जलीय विलयन में स्थायी है।
(B) सर्वाधिक
स्थायी है, क्योंकि विन्यास का CFSE अधिक होता है।
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अभिकथन : निम्नलिखित गैसीय आयनों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या:
क्रमशः 4, 3, 2 तथा 1 है
कारण : जलीय विलयन में स्थायी है।
(B) सर्वाधिक
स्थायी है, क्योंकि विन्यास का CFSE अधिक होता है।
अभिकथन : क्यूप्रस आयन रंगहीन है जबकि क्यूप्रिक आयन विलयन में नीला रंग उत्पन्न करता है।
कारण : क्यूप्रस आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं जबकि क्यूप्रिक आयन में नहीं।
(C) क्यूप्रिक आयन अयुग्मित इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति (d-d संक्रमण) के कारण विलयन में नीला रंग उत्पन्न करता है
जबकि क्यूप्रस आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं होता।
अभिकथन : अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट ग्लूकोस को ग्लूकोनिक अम्ल में बदल देता है तथा धात्विक चाँदी अवक्षेपित होती है।
कारण : ग्लूकोस एक दुर्बल अपचायक की तरह कार्य करता है।
(A)
अभिकथन : पोटैशियम क्रोमेट के विलयन में यदि प्रबल अम्ल मिलाया जाए तो उसका रंग
पीले से नारंगी हो जाता है।
कारण : रंग परिवर्तन पोटैशियम क्रोमेट के ऑक्सीकरण के कारण होता है।
ऑक्सीकरण अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होता। अतः व्याख्या गलत है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है
संक्रमण धातुएँ सदैव एक से अधिक कार्बोनिल समूह से संयोग करती हैं।
निम्नलिखित में से यौगिकों का कौन-सा युग्म अधिक स्थायी है
आयनन ऊर्जाओं के मानों की तुलना करके संक्रमण धातु यौगिकों के ऊष्मागतिक स्थायित्व की तुलना की जा सकती है। आयनन मान दर्शाते हैं कि Ni(II) यौगिक Pt(II) यौगिकों की तुलना में अधिक स्थायी हैं जबकि Pt(IV) यौगिक Ni(IV) की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक स्थायी हैं।
La3+ (La का परमाणु क्रमांक =57) की त्रिज्या 1.06 है। निम्नलिखित दिए गए मानों में से कौन-सा Lu3+ (Lu का परमाणु क्रमांक =71) की त्रिज्या के सर्वाधिक निकट होगा
Lu3+ की आयनिक त्रिज्या 0.87 है, जो 0.85 के मान के अत्यंत निकट है। आयनिक त्रिज्या में यह कमी लैंथेनॉइड संकुचन के कारण है।
निम्नलिखित अभिक्रिया का Eo मान परिकलित करके बताइए कि निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित है।
दिया गया है
निम्नलिखित में से किसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम है?
दिए गए विकल्पों में Fe3+ में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम (5 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन) है। Fe3+ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d5 है, जिसमें पाँचों 3d इलेक्ट्रॉन अयुग्मित हैं तथा प्रबल विनिमय ऊर्जा के कारण उनके चक्रण समांतर रहते हैं।
पोटैशियम का परमाणु क्रमांक 19 तथा मैंगनीज़ का 25 है। यद्यपि MnO4- का रंग गहरा बैंगनी है फिर भी K+ रंगहीन है। इसका कारण यह है कि
[MnO4]- में Mn की ऑक्सीकरण अवस्था +7 है (do विन्यास), अतः इसे रंगहीन होना चाहिए परन्तु [MnO4]- ऑक्सीजन से मैंगनीज़ को आवेश स्थानांतरण के कारण रंगीन है।
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