अभिकथन : किसी दिए गए लिगेंड के लिए आवेश घनत्व का परिमाण बढ़ता है, जैसे-जैसे धातु
आयन पर आवेश बढ़ता है।
कारण : के प्रति दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है परंतु इसके प्रति प्रबल क्षेत्र लिगेंड की भाँति कार्य करता है
(B) जैसे-जैसे धातु आयन का आवेश बढ़ता है, इसके बढ़े हुए
आवेश घनत्व के कारण लिगेंड धातु आयन के अधिक निकट खिंच आते हैं। लिगेंडों के निकट आने पर वे d-कक्षक का अधिक विपाटन उत्पन्न करते हैं, जिससे
एक बड़ा मान प्राप्त होता है।