निम्नलिखित अभिक्रिया श्रृंखला पर विचार कीजिए
यौगिक[A][B] यौगिक [A] है
NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
निम्नलिखित अभिक्रिया श्रृंखला पर विचार कीजिए
यौगिक[A][B] यौगिक [A] है
प्राथमिक ऐमीनों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
[2010]
(c) मुख्य विचार
(i) इलेक्ट्रॉन-आकर्षी प्रतिस्थापी की उपस्थिति क्षारकता घटाती है, जबकि इलेक्ट्रॉन-दाता प्रतिस्थापी जैसे -CH3, -C2H5 आदि की उपस्थिति अम्लता बढ़ाती है।
(ii) HNO2, ऐलिफैटिक ऐमीन के -NH2 समूह को -OH में बदलता है, जबकि ऐरोमैटिक ऐमीनों के समूह को -N=NCl में।
चूँकि फेनिल समूह इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह है, यह क्षारकता घटाता है। दूसरी ओर ऐल्किल समूह इलेक्ट्रॉन-दाता होने के कारण क्षारकता बढ़ाता है। अतः ऐल्किल ऐमीन ऐरिल ऐमीनों तथा अमोनिया दोनों की तुलना में अधिक क्षारकीय हैं।
अतः HNO2 (नाइट्रस) ऐल्किल ऐमीनों को ऐल्कोहॉलों में बदलता है।
परंतु ऐरिल ऐमीन नाइट्रस अम्ल के साथ अभिक्रिया करके डाइऐजोनियम लवण बनाते हैं।
ताप पर
अतः HNO2 ऐरिल ऐमीनों को फिनॉल में नहीं बदलता।
जब NaNO2 तथा तनु HCl को एक ऐमीन में पर मिलाया गया, तो एक रंगहीन गैस निकली तथा एक आयनिक यौगिक बना। वह ऐमीन है:
(b)
प्राथमिक ऐमीन तथा क्लोरोफॉर्म के मिश्रण को एथेनॉलिक पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) के साथ गर्म करने पर प्राप्त यौगिक है
[1997]
(a)
ऐल्किल आइसोसायनाइड
यह अभिक्रिया कार्बिलऐमीन परीक्षण कहलाती है।
(केवल ऐमीन यह अभिक्रिया देते हैं)
निम्नलिखित में सबसे प्रबल क्षारक है:
(d) ऐलिफैटिक ऐमीन ऐरोमैटिक ऐमीनों की तुलना में अधिक क्षारकीय होते हैं, क्योंकि बाद वाले अनुनाद के कारण अधिक स्थायी होते हैं।
किसी पेप्टाइड के N-सिरे के अवशेष के निर्धारण के लिए उपयुक्त अभिकर्मक है
[1996]
(d) 2,4-डाइनाइट्रो फ्लोरोबेंजीन को सैंगर अभिकर्मक कहते हैं। जब यह अभिकर्मक पेप्टाइड शृंखला के ऐमीनो समूह से अभिक्रिया करता है, तो यह 2,4-डाइनाइट्रोफेनिल व्युत्पन्न बनाता है, जो जल-अपघटन पर ऐमीनो अम्लों के DNP व्युत्पन्न देते हैं।
वह ऐल्केनैमाइड, जो हॉफमान अभिक्रिया पर 1-फेनिलएथिलऐमीन देता है, है:
हॉफमान अभिक्रिया में ऐल्केनैमाइड पुनर्विन्यास द्वारा एक कार्बन परमाणु कम वाला प्राथमिक ऐमीन बनाता है। यदि ऐल्केनैमाइड हॉफमान अभिक्रिया पर 1-फेनिलएथिलऐमीन देता है, तो प्रारंभिक ऐल्केनैमाइड 2-फेनिलप्रोपेनैमाइड होना चाहिए।
ऐनिलीन की ब्रोमीन जल के साथ अभिक्रिया कराई जाती है तथा प्राप्त उत्पाद को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की उपस्थिति में सोडियम नाइट्राइट के जलीय विलयन के साथ अभिकृत किया जाता है। इस प्रकार बना यौगिक टेट्राफ्लोरोबोरेट में बदला जाता है, जिसे बाद में गर्म किया जाता है। अंतिम उत्पाद है
ऐल्किल हैलाइड (RX) को KCN के साथ अभिकृत करने तथा उसके बाद अपचयन करने पर बनता है:
(b)
निम्नलिखित अभिक्रिया श्रृंखला में अंतिम उत्पाद क्या है,
(b)
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।