काइरल केंद्रों पर SN1 अभिक्रिया में होता है
(b) SN1 अभिक्रिया में प्रतिधारण उत्पाद की अपेक्षा प्रतिलोमन उत्पाद कुछ अधिक बनता है, क्योंकि SN1 अभिक्रिया क्रियाशील कार्बन की अग्र ओर के परिरक्षण प्रभाव पर भी निर्भर करती है।
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काइरल केंद्रों पर SN1 अभिक्रिया में होता है
(b) SN1 अभिक्रिया में प्रतिधारण उत्पाद की अपेक्षा प्रतिलोमन उत्पाद कुछ अधिक बनता है, क्योंकि SN1 अभिक्रिया क्रियाशील कार्बन की अग्र ओर के परिरक्षण प्रभाव पर भी निर्भर करती है।
नीचे कुछ ऐरोमैटिक यौगिकों की सूची दी गई है। नीचे दिए गए उत्तर कोडों की सहायता से इलेक्ट्रॉनस्नेही ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया हेतु क्रियाशीलता के घटते क्रम का सही अनुक्रम चुनिए:
a.
b.
c.
d.
उत्तर कोड :
OH युक्त वलय अधिक इलेक्ट्रॉन-समृद्ध होती है, क्योंकि OH एक +R समूह है।
इसके बाद CH3 समूह, क्योंकि यह +I प्रभाव द्वारा इलेक्ट्रॉन-दाता समूह है
इसके बाद CHO तथा फिर NO2, क्योंकि CHO, NO2 की अपेक्षा कम इलेक्ट्रॉन-आकर्षी समूह है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
a. बेंजीन योगात्मक अभिक्रिया की अपेक्षा प्रतिस्थापन अभिक्रिया अधिक सरलता से देता है।
b. बेंजाइन क्रियाविधि में अभिक्रिया मध्यवर्ती कार्बऋणायन भी होता है।
c. तृतीयक ऐल्कोहॉल सदैव SN1 अभिक्रिया देता है।
d. SN अभिक्रिया हेतु ऐल्कोहॉल की क्रियाशीलता बहुत कम होती है, क्योंकि ऐल्कोहॉल प्रबल अम्लीय प्रकृति का होता है।
इन कथनों में से :
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
a. समूह अतिसंयुग्मन के कारण o, p-निर्देशी समूह है।
b. प्रतिलोम अतिसंयुग्मन के कारण मेटा-निर्देशी समूह है।
c. समूह मेसोमेरिक प्रभाव के कारण मेटा-निर्देशी समूह है।
d. CHO समूह m-निर्देशी समूह है
इन कथनों में से :
निम्नलिखित यौगिकों में से किसका pH मान न्यूनतम है?
दिए गए विकल्पों में 1-ब्यूटाइन का pH मान न्यूनतम है, क्योंकि sp-संकरित कार्बन परमाणु के अधिक s-लक्षण के कारण त्रिबंध, द्विबंध तथा एकल बंध की अपेक्षा अधिक अम्लीय होता है, जिससे हाइड्रोजन अधिक अम्लीय हो जाता है।
दी गई अभिक्रिया में,
[X] होगा
किन यौगिकों में योगात्मक अभिक्रिया प्रति-मार्कोनीकॉफ नियम के अनुसार होगी?
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
नीचे दिए गए कोडों में से सही उत्तर चुनिए:
कोड:
निम्नलिखित संरचना वाला ऐल्कीन प्रति-मार्कोनीकॉफ योग देता है जहाँ Z एक प्रबल -I समूह है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(i) इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया हेतु ऐल्कीन, ऐल्काइन की अपेक्षा अधिक क्रियाशील है।
(ii) ऐल्काइन नाभिकस्नेही तथा इलेक्ट्रॉनस्नेही दोनों प्रकार की योगात्मक अभिक्रिया देता है।
(iii) नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया हेतु ऐल्काइन, ऐल्कीन की अपेक्षा अधिक क्रियाशील है।
(iv) इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया हेतु ऐल्काइन का अभिक्रिया मध्यवर्ती ऐल्किल कार्बधनायन है।
इनमें से सही कथन हैं:
नाभिकस्नेही योगात्मक अभिक्रिया हेतु कौन-सा यौगिक सबसे कम क्रियाशील है?
दिए गए कार्बोनिल यौगिकों की क्रियाशीलता को योगात्मक अभिक्रिया हेतु घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
नीचे दिए गए कोडों में से सही उत्तर चुनिए:
कोड:
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