एकबीजपत्री पत्ती में संवहन पूलों का समान आकार किसके कारण होता है
P-94 , PARA-2-3
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एकबीजपत्री पत्ती में संवहन पूलों का समान आकार किसके कारण होता है
P-94 , PARA-2-3
द्वितीयक वृद्धि में सम्मिलित ऊतक हैं
P-94 , PARA-4
द्विबीजपत्री तने में प्राथमिक जाइलम तथा प्राथमिक फ्लोएम के बीच उपस्थित एधा की कोशिकाएँ कहलाती हैं ___________.
P-94 , PARA-6
जब एधा वलय सक्रिय होती है, तो मज्जा की ओर कटी कोशिकाएँ परिपक्व होकर बनती हैं
P-95 , PARA-2
जब एधा वलय सक्रिय होती है और परिधि की ओर कटी कोशिकाएँ परिपक्व होकर बनती हैं
P-95 , PARA-2
एधा सामान्यतः _________ ओर, अपेक्षाकृत _________ ओर की तुलना में, अधिक सक्रिय होती है।
P-95 , PARA-2
द्विबीजपत्री तने में कुछ स्थानों पर एधा मृदूतक की एक संकरी पट्टी बनाती है जो द्वितीयक जाइलम तथा द्वितीयक फ्लोएम से होकर त्रिज्य दिशा में जाती है, इन्हें कहते हैं _________.
P-95 , PARA-2
वसंत ऋतु में बनी काष्ठ कहलाती है
P-96 , PARA-1
शीत ऋतु में बनी काष्ठ कहलाती है
P-96 , PARA-1
द्वितीयक जाइलम का वह क्षेत्र जिसमें अत्यधिक लिग्निनयुक्त भित्ति वाले मृत अवयव होते हैं, कहलाता है
P-96 , PARA-3
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