जीवित कोशिकाओं अथवा ऊतकों को देखने के लिए सामान्यतः प्रयुक्त सूक्ष्मदर्शी है
(c) फेज कंट्रास्ट सूक्ष्मदर्शी का विकास जर्निके (1935, नोबेल पुरस्कार 1953) ने जीवित कोशिकाओं तथा उनमें होने वाली घटनाओं (जैसे तर्कु निर्माण, गुणसूत्रों की गति, अंतर्ग्रहण, बहिर्क्षेपण) के प्रेक्षण के लिए किया। यह प्रकाशीय सूक्ष्मदर्शी के समान है, अंतर केवल यह कि इसके संघनित्र में एक वलयाकार डायाफ्राम तथा अभिदृश्यक के पश्च फोकस तल पर एक पारदर्शी फेज प्लेट होती है। यह सूक्ष्मदर्शी अपवर्तनांकों के अंतर को चमक के अंतर में बदल देता है।