द्रव्यमान प्रवाह किसके दौरान परिवहन का प्रमुख प्रकार प्रतीत होता है
फ्लोएम के भीतर कार्बनिक विलेयों के स्थानांतरण, दारु में जल तथा खनिजों के स्थानांतरण और पादपों में जल की अपोप्लास्टी गति में द्रव्यमान प्रवाह परिवहन का प्रमुख प्रकार है
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द्रव्यमान प्रवाह किसके दौरान परिवहन का प्रमुख प्रकार प्रतीत होता है
फ्लोएम के भीतर कार्बनिक विलेयों के स्थानांतरण, दारु में जल तथा खनिजों के स्थानांतरण और पादपों में जल की अपोप्लास्टी गति में द्रव्यमान प्रवाह परिवहन का प्रमुख प्रकार है
अपोप्लास्ट का भाग क्या नहीं है?
चालनी नलिका की गुहा।- पादप जड़ में सोखा गया अधिकांश जल तथा आयन वल्कुट कोशिकाओं की भित्तियों में ही रहते हैं और अपोप्लास्ट नामक बाह्यकोशिकीय पथ के अनुदिश रंभ की ओर गति करते हैं। अंतस्त्वचा पर यह बाह्यकोशिकीय पथ अवरुद्ध हो जाता है क्योंकि प्रत्येक अंतस्त्वचीय कोशिका की भित्ति में कैस्पेरियन पट्टी नामक मोमी पट्टी होती है, जो जल तथा घुले खनिजों के लिए अपारगम्य है और इस प्रकार वल्कुट एवं रंभ के बीच अपोप्लास्ट को अवरुद्ध कर देती है। अपोप्लास्ट के अनुदिश अंतस्त्वचा तक पहुँचने वाले जल तथा खनिज रंभ में केवल अंतस्त्वचीय कोशिका की जीवद्रव्य झिल्ली पार करके तथा जीवद्रव्य तंतुओं से होकर ही प्रवेश कर सकते हैं।
कौन अंतःशोषण का उदाहरण नहीं है
अंतःशोषण एक विशेष प्रकार का विसरण है जो तब होता है जब ठोस-कोलॉइडों द्वारा जल अधिशोषित होता है जिससे आयतन में वृद्धि होती है। उदाहरणों में बीजों तथा सूखी लकड़ी द्वारा जल का अवशोषण सम्मिलित है।
जब किशमिश को जल में रखा जाता है, तो चारों ओर का जल किशमिश में विसरित हो जाता है और किशमिश फूल जाती है। इसमें सम्मिलित परिघटना परासरण कहलाती है
जब कोशिका शिथिल होती है
कोशिका को शिथिल तब कहा जाता है जब पादप कोशिका को ऐसे समपरासारी विलयन में रखा जाए जहाँ विलेयों की सांद्रता बाहर तथा भीतर दोनों ओर समान हो। जीवद्रव्य झिल्ली स्फीत कोशिका की भाँति कोशिका भित्ति से कसकर सटी नहीं रहती। ऐसी कोशिकाओं का स्फीति दाब शून्य होता है।
जब कोशिका जीवद्रव्यकुंचित होती है तो कोशिका
भित्ति तथा कोशिका झिल्ली के बीच क्या होता है?
जीवद्रव्यकुंचित कोशिका में कोशिका भित्ति तथा सिकुड़े जीवद्रव्य के बीच का स्थान उस अतिपरासारी विलयन से घिरा होता है जिसमें कोशिका रखी गई है।
कोशिका में सदैव ऋणात्मक रहने वाला मान है
शुद्ध जल का विलेय विभव शून्य होता है क्योंकि उसमें जल में कोई विलेय नहीं होता। विलेय की मात्रा बढ़ने से जल विभव घट जाता है, और इसीलिए विलेय विभव सदैव ऋणात्मक होता है
निम्नलिखित में से किसमें तीनों दीर्घपोषक हैं?
विकल्प (c) में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा मैग्नीशियम हैं जो दीर्घपोषक हैं
जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण के दौरान ऑक्सीजन विषाक्तता द्वारा नाइट्रोजिनेज के निष्क्रियण को कौन रोकता है
जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण के दौरान ऑक्सीजन विषाक्तता द्वारा नाइट्रोजिनेज के निष्क्रियण को लेगहीमोग्लोबिन रोकता है।
यह एक लाल वर्णक है जो ग्रंथिका कोशिकाओं के कोशिकाद्रव में परिजीवाणुभ अवकाश के बाहर भरा रहता है। यह लाल रुधिर कणिकाओं के हीमोग्लोबिन के समान है। इसमें ऑक्सीजन से बहुत तेजी से संयोजित होने की क्षमता होती है और इस प्रकार यह एक अत्यंत दक्ष O2 अपमार्जक का कार्य करता है।
नाइट्रोजन तथा पोटैशियम की कमी के लक्षण सबसे पहले कहाँ दिखाई देते हैं
(a) नाइट्रोजन (N) तथा पोटैशियम (K) दोनों की कमी जीर्ण (पुरानी) पत्तियों में दिखाई देती है। N की कमी से हरिमहीनता होती है और K की कमी से प्रोटीन संश्लेषण का संदमन तथा पुरानी पत्तियों का झुलसना होता है।
सर्वाधिक प्रचुर अंतःकोशिकीय धनायन है
(d) प्रमुख अंतःकोशिकीय धनायन K+ है। प्रमुख बाह्यकोशिकीय धनायन Na+ है।
Ca+ संकेत पारगमन पथों में प्रमुख भूमिका निभाता है।
H+ सभी अम्लों के जलीय विलयन में पाया जाता है।
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