लघुबीजाणुधानी सामान्यतः 4 भित्ति परतों से घिरी रहती है। निम्नलिखित में से कौन-सी 3 भित्ति परतें सुरक्षा का कार्य करती हैं तथा पराग मुक्त करने हेतु परागकोश के स्फुटन में सहायता करती हैं?
लघुबीजाणुधानी सामान्यतः चार भित्ति परतों से घिरी रहती है– अधिचर्म, अंतःपोषिका, मध्य परतें तथा टेपीटम। बाहरी तीन भित्ति परतें सुरक्षा का कार्य करती हैं तथा पराग मुक्त करने हेतु परागकोश के स्फुटन में सहायता करती हैं। सबसे भीतरी भित्ति परत टेपीटम है। यह विकसित हो रहे परागकणों का पोषण करती है।
(पृष्ठ-21)